जमशेदपुर। शहर के दुमुहानी संगम तट स्थित श्री पंच दशनाम जूना किन्नर अखाड़ा (झारखंड) के महामाई बगलामुखी धाम में गुरुवार से 48 घंटे की अखंड धूनी तपस्या की शुरुआत हो गई। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व वाले इस विशेष अनुष्ठान में किन्नर समाज के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
महामंडलेश्वर अमरजीत नंद गिरी के नेतृत्व में हो रहा आयोजन
इस विशेष धार्मिक आयोजन का नेतृत्व अमरजीत नंद गिरि कर रहे हैं। उनके साथ आनंदी नंद गिरि, सूरज घोष तथा अन्य शिष्यगण भी तपस्या और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हैं। सभी साधु-संत किन्नर समुदाय से जुड़े हुए हैं।
ज्येष्ठ मास में विशेष महत्व रखती है अखंड धूनी तपस्या
आयोजकों के अनुसार ज्येष्ठ मास में आयोजित होने वाली अखंड धूनी तपस्या साधना, आराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है। 48 घंटे तक चलने वाले इस अनुष्ठान में धूनी साधना, पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
विश्व कल्याण और आध्यात्मिक जागृति है उद्देश्य
महामंडलेश्वर अमरजीत नंद गिरी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, शांति और मानवता के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि अखंड धूनी तपस्या के माध्यम से समाज में सद्भाव, आध्यात्मिक जागरूकता और मानव कल्याण की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों और साधकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनने तथा आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। दुमुहानी संगम तट स्थित महामाई बगलामुखी धाम में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
