जमशेदपुर। जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में एक वर्ष से चले आ रहे संपत्ति विवाद और बुजुर्ग दंपत्ति को उनके घर से बेदखल करने के प्रयास के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। जमशेदपुर कोर्ट ने इस मामले में दायर शिकायतवाद पर संज्ञान लेते हुए आरोपी बिल्डर सहित सभी 7 अभियुक्तों को आगामी 17 जून 2026 को न्यायालय में सशरीर उपस्थित होने का समन जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
सोनारी नया लाइन निवासी चंपा देवी ने अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू एवं बबिता जैन के माध्यम से अदालत में शिकायतवाद दाखिल किया था। आरोप है कि बिल्डर शैलेश जैन उर्फ शेरू, दर्शन जैन, बसंत अग्रवाल, योगेश सडेरा, दयाल सिंह, दीपक नाग एवं ललित कुमार सिन्हा ने मिलीभगत कर चंपा देवी की पैतृक संपत्ति पर कब्जे की नीयत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
मारपीट और जबरन बेदखली का आरोप
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने चंपा देवी और उनके पति धनेश्वर सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ हिंसक व्यवहार किया और डरा-धमकाकर जबरन सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए, ताकि उन्हें उनके ही घर से बेघर किया जा सके।
पुलिस से नहीं मिली मदद, तो खटखटाया अदालत का दरवाजा
पीड़िता चंपा देवी ने न्याय के लिए कई दरवाजे खटखटाए थे। 26 फरवरी 2025 को सोनारी थाना में लिखित आवेदन दिया।इसके बाद उपायुक्त , वरीय पुलिस अधीक्षक , अनुमंडल पदाधिकारी और अनुसूचित जनजाति आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई।जब प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने 26 मार्च 2025 को न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय की सख्त कार्रवाई
न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर माननीय न्यायालय ने मामले को गंभीर माना है। कोर्ट ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध संज्ञान लेते हुए 17-06-2026 की तिथि मुकर्रर की है, जिसमें सभी आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इस आदेश के बाद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
