जमशेदपुर :लौहनगरी जमशेदपुर के चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की पहली अनूठी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की मिसाल पेश करने वाला मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज आगामी 1 जून को अपना प्रथम दीक्षांत समारोह मनाने जा रहा है।यह आयोजन न केवल संस्थान के लिए, बल्कि पूरे पूर्वी भारत की स्वास्थ्य सेवा शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
133 युवा चिकित्सकों को मिलेगी एमबीबीएस की डिग्री
बारीडीह स्थित एमटीएमसी परिसर में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के पहले एमबीबीएस बैच के कुल 133 विद्यार्थियों को मेडिकल डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ये युवा डॉक्टर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में देश और समाज की सेवा के लिए अपने पेशेवर सफर का औपचारिक आगाज करेंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि
इस गरिमामयी अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे और दीक्षांत भाषण देंगे। समारोह में अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल होंगे जिसमें माननीय स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री, झारखंड सरकार (विशिष्ट अतिथि) बतौर इरफान अंसारी , वरिष्ठ सलाहकार, गृह मंत्रालय, भारत सरकार (विशिष्ट अतिथि) विजय कुमार और इस अवसर पर(मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन) और टाटा स्टील का शीर्ष नेतृत्व भी मौजूद रहेगा।
क्यों खास है यह आयोजन?
मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन की घटक इकाई के रूप में कार्यरत एमटीएमसी, टाटा स्टील और मणिपाल ग्रुप के साझा विजन का परिणाम है।यह कॉलेज भारत में पीपीपी मॉडल पर आधारित चिकित्सा शिक्षा का एक सफल उदाहरण है।
1 जून को सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाले इस उत्सव में शिक्षकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और गर्वित अभिभावकों की उपस्थिति रहेगी।”इन युवा डॉक्टरों का पेशेवर सफर देश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह दीक्षांत समारोह एमटीएमसी की शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक प्रतिबद्धता का उत्सव है।” — संस्थान प्रबंधन
