आदित्यपुर। आदित्यपुर नगर निगम के अधिकृत संवेदकों (ठेकेदारों) का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। टेंडर प्रक्रिया में विसंगतियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दर्जनों संवेदकों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के पश्चात संवेदकों ने डिप्टी मेयर को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपकर टेंडर व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की मांग की।
‘ऑनलाइन टेंडर’ और ‘स्थानीय प्राथमिकता’ पर जोर
प्रदर्शनकारी संवेदकों ने वर्तमान टेंडर प्रणाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने ऑफलाइन टेंडर की मांग की है जिसमे 10 लाख रुपये तक की छोटी योजनाओं के टेंडर ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन मोड में कराए जाएं, ताकि छोटे और स्थानीय संवेदकों को तकनीकी जटिलताओं से राहत मिल सके साथ ही निगम क्षेत्र के विकास कार्यों में स्थानीय ठेकेदारों को तरजीह दी जाए, क्योंकि वे क्षेत्र की भौगोलिक और व्यावहारिक स्थितियों को बेहतर समझते हैं।
4 प्रतिशत कमीशन का गंभीर आरोप
संवेदकों ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अग्रधन राशि की वापसी के नाम पर कथित तौर पर 4 प्रतिशत कमीशन की वसूली की जाती है। उन्होंने मांग की कि इस आर्थिक शोषण को तुरंत रोका जाए ताकि संवेदकों का वित्तीय नुकसान न हो।
निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर निगम प्रशासक ने कहा कि कमीशनखोरी के आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया विभागीय गाइडलाइंस के अनुसार होती है।संवेदकों की मांगों और उनके ज्ञापन से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।जब तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिलता, प्रक्रिया में तत्काल बदलाव संभव नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
संवेदकों ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र और व्यापक बनाया जाएगा।
