जमशेदपुर। विश्व मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस 2026 के अवसर पर करीम सिटी कॉलेज के ऑडिटोरियम में “पीरियड एंड परिवर्तन” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना , करीम सिटी कॉलेज द्वारा फेमफ्यूचर कलेक्टिव एवं कॉलेज के महिला प्रकोष्ठ के सहयोग से संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक मिथकों को तोड़ना और किशोरियों व महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
स्वस्थ समाज के लिए जागरूकता अनिवार्य: डॉ. मोहम्मद रेयाज
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “मासिक धर्म स्वास्थ्य पर जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए विद्यार्थियों को इस विषय पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। महिलाओं का स्वास्थ्य और सम्मान ही एक स्वस्थ समाज की नींव है।”
भ्रांतियों को दूर करना ही लक्ष्य
एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. आले अली ने मासिक धर्म को एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि जागरूकता ही संकोच और भ्रांतियों को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अग्रदूत की भूमिका निभाएं। वहीं, महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ. कौसर तस्नीम ने छात्राओं को स्वच्छता संबंधी तकनीकी जानकारियां दीं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विविध विषयों पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के दौरान केवल स्वच्छता ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन चर्चा की गई जिसमे मासिक धर्म के दौरान उचित खान-पान , इस दौरान होने वाले मानसिक बदलावों का प्रबंधन और महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े कानूनी व सामाजिक अधिकार पर भी मंथन हुआ।
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के सफल संचालन में एनएसएस समन्वयक सैयद साजिद परवेज़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने इस सत्र में न केवल सक्रिय रूप से भाग लिया, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, समानता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
