जमशेदपुर: नेचर और अनुग्रह नारायण सिंह संस्थान ने शुरू किया ‘डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण’, 100 से अधिक छात्राओं ने सीखे साइबर सुरक्षा और ई-गवर्नेंस के गुर

जमशेदपुर: आज के तेजी से बदलते डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने और ‘डिजिटल डिवाइड’ (डिजिटल विभाजन) को पाटने के उद्देश्य से नेचर संस्था और अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा ने टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मिलकर एक व्यापक ‘डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया है।इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य समुदाय की युवतियों को आवश्यक डिजिटल कौशल प्रदान करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोज़मर्रा के कार्यों के लिए तकनीकी रूप से सक्षम करना है।

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन

बागबेड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य रूप से अनुग्रह नारायण संस्थान के अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, महासचिव सी एस पी सिंह, नेचर संस्था की संरक्षक डॉ. कविता परमार और टाटा स्टील फाउंडेशन की मीना बाघ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं और लड़कियों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

“डिजिटल साक्षरता अब विकल्प नहीं, बुनियादी जरूरत” — डॉ. कविता परमार

कार्यक्रम के शुभारंभ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए नेचर संस्था की संरक्षक डॉ. कविता परमार ने इस पहल के महत्व को रेखांकित किया। “डिजिटल साक्षरता अब केवल एक विकल्प या हॉबी नहीं है, बल्कि आज के समय की सबसे बड़ी बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य समाज की हर लड़की को तकनीकी रूप से इतना सशक्त और जागरूक बनाना है कि वे भविष्य में आने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें और किसी पर निर्भर न रहें।”

प्रशिक्षण कार्यक्रम की ये हैं 4 मुख्य विशेषताएं

इस ट्रेनिंग कैंप में शामिल होने वाली छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले निम्नलिखित व्यावहारिक पहलुओं को विस्तार से सिखाया जा रहा है। स्मार्टफोन, टैबलेट और कंप्यूटर जैसे डिजिटल उपकरणों को आसानी से ऑपरेट करना और इंटरनेट ब्राउज़िंग सीखना। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर हमलों से बचने के लिए साइबर सुरक्षा के नियमों तथा पासवर्ड सुरक्षा की जानकारी देना। डिजिटल माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं और जन कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ उठाना। इसके तहत राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करना तथा पहचान पत्रों व नागरिक दस्तावेजों में सुधार व उम्र अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया प्रैक्टिकल तरीके से बताई जा रही है।इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को संस्था की ओर से एक डिजिटल सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) भी प्रदान किया जाएगा।

पहले दिन 100 से अधिक छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण

इस डिजिटल साक्षरता अभियान के पहले दिन बागबेड़ा और आस-पास के क्षेत्रों की मनोविज्ञान , अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों की 100 से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया।छात्राओं को तकनीक की बारीकियां सिखाने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन की डिजिटल लिटरेसी ट्रेनर प्रीति कुमारी और रीना टुडू ने मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाई। इस पूरे कार्यक्रम को सफल और प्रभावी बनाने में टाटा स्टील फाउंडेशन की मीना बाघ, मंजू कुमारी और नेचर संस्था की संस्कृति ने सराहनीय और सक्रिय भूमिका निभाई।

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