जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में गोलगप्पा विक्रेता ने पुलिस पदाधिकारी और शांति समिति के एक सदस्य पर मारपीट, सूदखोरी और दुकान बंद कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आर्थिक तंगी में लिया था ₹1.70 लाख का कर्ज
शिकायतकर्ता एवं “एम.बी.ए. गोलगप्पावाला” के संचालक बजरंग प्रसाद के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने शांति समिति के सदस्य मनीष सिंह से ₹1.70 लाख उधार लिया था। उनका आरोप है कि इस राशि पर 10 प्रतिशत मासिक ब्याज तय किया गया और सुरक्षा के नाम पर दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक भी लिए गए।बजरंग प्रसाद का दावा है कि उन्होंने मूल राशि से अधिक, करीब ₹2 लाख का भुगतान नकद और ऑनलाइन माध्यम से कर दिया है, जिसके साक्ष्य भी उनके पास मौजूद हैं।
अतिरिक्त पैसे की मांग और सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि भुगतान के बावजूद उनसे लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही। आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को सोनारी थाना में थाना प्रभारी की मौजूदगी में दबाव बनाकर एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिसमें चार महीने के भीतर ₹2 लाख लौटाने की बात लिखवाई गई।
ठेले पर पहुंचकर मारपीट और दुकान बंद कराने का आरोप
बजरंग प्रसाद ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे मनीष सिंह, प्रकाश ठाकुर और बिष्टुपुर थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी बलराम साहू उनके गोलगप्पा ठेले पर पहुंचे। वहां गाली-गलौज, मारपीट और अतिरिक्त ब्याज की मांग की गई।उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ हाथापाई की गई तथा उनके पिता के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही ठेला बंद करा दिया गया और दोबारा दुकान लगाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
थाना प्रभारी और अवर निरीक्षक पर भी लगाए आरोप
शिकायतकर्ता ने सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन डे और पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार पर भी बार-बार थाना बुलाकर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
एसएसपी से की कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
बजरंग प्रसाद ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित सूदखोरी, मारपीट और धमकी के आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा उन्हें बिना किसी भय के अपना गोलगप्पा ठेला संचालित करने की अनुमति और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
