जमशेदपुर में भगवान जगन्नाथ की बहूदा यात्रा (वापसी रथ यात्रा) श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र 16 जुलाई को रथ यात्रा के दौरान मौसीबाड़ी पहुंचे थे। सात दिन तक वहां विराजमान रहने के बाद बहूदा यात्रा के माध्यम से भगवान अपने धाम लौटे।
हजारों श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते खींचा रथ
बहूदा यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच नाचते-झूमते भगवान का रथ खींचते हुए आगे बढ़े। पूरे यात्रा मार्ग पर भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
धार्मिक संस्थाओं ने निभाई अहम भूमिका
शहर की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने बहूदा यात्रा के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पेयजल, प्रसाद एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार यात्रा की निगरानी करते रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
देर शाम मंदिर पहुंचे भगवान जगन्नाथ
दोपहर बाद प्रारंभ हुई बहूदा यात्रा देर शाम भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र के अपने मंदिर पहुंचने के साथ संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
