जमशेदपुर: आदिवासी एकता मंच (झारखंड) ने आगामी 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली विशाल महारैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम जिले के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को औपचारिक लिखित आवेदन सौंपकर रैली के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक सहयोग की मांग की।प्रतिनिधिमंडल ने आवेदन के माध्यम से महारैली के लिए प्रशासनिक अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
झारखंड के विभिन्न जिलों से जुटेंगे हजारों लोग
मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस महारैली में झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक झांकियों के साथ भाग लेंगे। आयोजन को ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण बनाने की दिशा में मंच लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है।
जल, जंगल, जमीन और संस्कृति संरक्षण होगा मुख्य मुद्दा
आदिवासी एकता मंच के अनुसार, विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस महारैली का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा, उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है।मंच का कहना है कि यह आयोजन आदिवासी समाज की एकता, पहचान और अधिकारों को मजबूती देने का संदेश देगा।
