चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में एक छात्र के घायल होने के बाद हड़कंप मच गया। छात्र ने स्कूल के प्रधानाध्यापक पर उसे कथित तौर पर दीवार से पटकने का आरोप लगाया है। घटना में बच्चे के सिर पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल बच्चे के सिर में टांके लगाए गए और पट्टी की गई।
क्लास वर्क के दौरान कॉपी फाड़ने पर हुआ विवाद
घायल बच्चे ने बताया कि वह कक्षा में क्लास वर्क कर रहा था। एक सवाल का जवाब गलत होने के बाद उसने अपनी कॉपी का पन्ना फाड़कर दूसरे पेज पर लिखना शुरू किया।बच्चे के अनुसार, इसी दौरान प्रधानाध्यापक खेलाराम बेदिया कक्षा में पहुंचे। कॉपी का पन्ना फटा हुआ देखकर वे कथित तौर पर गुस्सा हो गए।बच्चे का आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने उसे खिड़की के पास दीवार से जोर से पटक दिया, जिससे उसके सिर में चोट लग गई और खून बहने लगा।
घायल बच्चे का कराया गया इलाज
घटना के बाद स्कूल में मौजूद लोगों ने घायल बच्चे को संभाला। बच्चे के सिर से खून निकलने के बाद एक डॉक्टर को बुलाकर उसका इलाज कराया गया। उसके सिर पर टांके लगाए गए और पट्टी की गई।घटना के बाद बच्चा काफी डरा और सहमा हुआ बताया जा रहा है। उसने डरते हुए पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की जानकारी गांव में फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों के बीच से कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर सभी को शांत कराया। इसके बाद स्कूल परिसर में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में शिक्षक ने मांगी सार्वजनिक माफी
ग्रामीणों के अनुसार, बैठक के दौरान शिक्षक ने घटना से जुड़ी बातों को स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।हालांकि, ग्रामीण इस मामले को गंभीर मानते हुए आगे प्रशासनिक कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।
डीसी से लिखित शिकायत की तैयारी
ग्रामीणों ने बैठक के बाद कहा कि मामले को लेकर जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी दूसरे बच्चे के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो।ग्रामीणों ने शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड दिए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
