जमशेदपुर। झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र और उससे जुड़े प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मंगलवार को आंदोलनकारियों ने जमशेदपुर स्थित उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट के समीप धरना दिया। आंदोलनकारियों ने प्रशासन के समक्ष नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार के निर्देश के अनुसार लंबित सम्मान पत्रों का जल्द वितरण सुनिश्चित करने की मांग की।
सरकारी आदेश के बावजूद नहीं मिला सम्मान पत्र
धरने पर बैठे आंदोलनकारियों का कहना था कि झारखंड राज्य के गठन के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से सम्मानित किए जाने का प्रावधान है। इसके तहत गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सम्मान पत्र वितरण को लेकर आदेश भी जारी किया जा चुका है।इसके बावजूद पूर्वी सिंहभूम जिले के कई पात्र आंदोलनकारियों को अब तक सम्मान पत्र और संबंधित प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है।
उपायुक्त को सौंपा गया लिखित पत्र
आंदोलनकारियों ने बताया कि इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को लिखित पत्र भी सौंपा गया है। पत्र में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 30 जुलाई 2025 के आदेश का हवाला देते हुए आंदोलनकारियों के बीच सम्मान पत्रों का वितरण करने का निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।आंदोलनकारियों का आरोप है कि आदेश जारी होने के बावजूद कई पात्र लोगों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
लंबित प्रमाण पत्र जल्द जारी करने की मांग
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि सरकार के स्तर से आदेश जारी होने के बाद भी प्रमाण पत्र वितरण में देरी से आंदोलनकारियों में असंतोष है। उन्होंने प्रशासन से सभी पात्र आंदोलनकारियों की सूची की समीक्षा कर लंबित सम्मान पत्र और संबंधित प्रमाण पत्रों का शीघ्र वितरण कराने की मांग की।
सम्मान पत्र संघर्ष की सरकारी मान्यता का प्रतीक
आंदोलनकारियों का कहना है कि सम्मान पत्र उनके लिए महज एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह झारखंड राज्य के निर्माण के लिए किए गए उनके संघर्ष और योगदान की सरकारी मान्यता का प्रतीक है। इसलिए इसके वितरण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।धरना-प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई।
