जमशेदपुर: सिंध को भारत में शामिल करने की मांग, भारतीय जन महासभा ने डीसी को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन

जमशेदपुर। सिंध को भारत में शामिल करने की मांग को लेकर भारतीय जन महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात की। संस्था के अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सिंध को भारत में वापस शामिल करने की दिशा में पहल करने की मांग की।

राष्ट्रगान में सिंध के उल्लेख का दिया हवाला

प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में राष्ट्रगान की पंक्ति “पंजाब सिंध गुजरात मराठा…” का उल्लेख किया गया। संस्था का कहना है कि राष्ट्रगान की इस पंक्ति को पूरी तरह सार्थक तभी किया जा सकता है, जब सिंध दोबारा भारत का हिस्सा बने।भारतीय जन महासभा ने इसी तर्क के आधार पर केंद्र सरकार से सिंध को भारत में शामिल करने की दिशा में पहल करने की मांग की है।

1947 के विभाजन का भी किया उल्लेख

ज्ञापन में वर्ष 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन का उल्लेख करते हुए संस्था ने अपना तर्क रखा। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पाकिस्तान के गठन के समय मुस्लिम आबादी के अनुपात में भूमि का विभाजन किया गया था, जबकि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भारत में ही रह गए।संस्था का दावा है कि ऐसी स्थिति में भारत में रह गए लोगों के हिस्से की भूमि भी पाकिस्तान के हिस्से में चली गई। इसी आधार पर प्रतिनिधिमंडल ने इसे अपने अनुसार भूमि संबंधी न्याय का मुद्दा बताया।

प्रधानमंत्री से की सिंध को भारत में शामिल करने की पहल की मांग

भारतीय जन महासभा ने प्रधानमंत्री से मांग की कि सिंध को भारत में वापस शामिल करने की दिशा में पहल की जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे राष्ट्रगान में उल्लेखित सिंध को लेकर उनकी मांग पूरी होगी और उनके अनुसार विभाजन से जुड़े भूमि संबंधी न्याय का सवाल भी सुलझ सकेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार के अलावा शिव शंकर पाल, राम अवतार अग्रवाल, विनय कुमार शर्मा, पी.के. श्रीवास्तव, अभिषेक बजाज, शिवात्मा तिवारी, पूजा कुमारी और संतोष कुमार गनेड़ीवाला समेत अन्य लोग शामिल थे।

More From Author

जमशेदपुर में एसआईआर प्रारूप मतदाता सूची पर सवाल, फॉर्म जमा करने के बावजूद सैकड़ों मतदाताओं के नाम गायब