जमशेदपुर में एसआईआर प्रारूप मतदाता सूची पर सवाल, फॉर्म जमा करने के बावजूद सैकड़ों मतदाताओं के नाम गायब

जमशेदपुर। बागबेड़ा और आसपास के पंचायत क्षेत्रों में एसआईआर की प्रारूप मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत एसआईआर फॉर्म और वैध दस्तावेज जमा करने के बावजूद मुखिया, उपमुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों समेत सैकड़ों योग्य मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं आए हैं या सूची से हटा दिए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और प्रभावित मतदाताओं में नाराजगी और चिंता है।

बीएलओ को फॉर्म और दस्तावेज जमा करने के बाद भी नाम गायब

बताया गया कि प्रभावित मतदाताओं ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर एसआईआर फॉर्म आवश्यक और वैध दस्तावेजों के साथ संबंधित बीएलओ के पास जमा किए थे। फॉर्म जमा करने के बाद कई मतदाताओं को इसकी प्राप्ति रसीद भी दी गई थी।इसके बावजूद प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद कई पात्र मतदाताओं ने देखा कि उनके नाम सूची में मौजूद नहीं हैं। इससे पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

मामले को लेकर पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता एवं लगुल सुनील गुप्ता सहित बागबेड़ा और आसपास के पंचायत क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधियों तथा प्रभावित मतदाताओं ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।प्रतिनिधियों का कहना है कि मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि फॉर्म और दस्तावेज जमा करने के बावजूद पात्र मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची से क्यों गायब हुए।

फॉर्म, दस्तावेज और प्राप्ति रसीद का हो सत्यापन

पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की है कि जमा किए गए एसआईआर फॉर्म, संबंधित दस्तावेज और प्राप्ति रसीद का आधिकारिक अभिलेखों से सत्यापन कराया जाए।साथ ही जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में नहीं हैं, उन्हें नाम नहीं होने का स्पष्ट कारण बताया जाए। जांच में पात्र पाए जाने वाले सभी मतदाताओं के नाम नियमानुसार जल्द से जल्द मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की गई है।

लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की मांग

प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान किसी बीएलओ ,पदाधिकारी या संबंधित कर्मचारी की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए एसआईआर प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी, दस्तावेजों के सत्यापन और रिकॉर्ड की जांच सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

‘मताधिकार हर योग्य नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार’

पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक योग्य नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी प्रशासनिक या तकनीकी त्रुटि के कारण पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।उन्होंने प्रशासन से मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर प्रभावित मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच कराने और पात्र मतदाताओं के नाम नियमानुसार मतदाता सूची में शामिल कराने की मांग की है।

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