जमशेदपुर: चांडिल और व्यांगबील के फाटक खुलने के बाद बढ़ा नदी का जलस्तर, बागबेड़ा के 350 से ज्यादा घरों में घुसा पानी

जमशेदपुर। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब जमशेदपुर में साफ दिखाई देने लगा है। चांडिल डैम के कई फाटक खोल दिए जाने और ओडिशा के व्यांगबील फाटक से पानी छोड़े जाने के बाद शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर बागबेड़ा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।बताया जा रहा है कि बागबेड़ा में 350 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पानी बढ़ने के कारण प्रभावित परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में जुटे हैं।

बागबेड़ा में बिगड़े हालात, घरों में घुसा पानी

लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बागबेड़ा के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बड़ी संख्या में घर जलमग्न हो चुके हैं और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासनिक तंत्र के साथ स्थानीय समाजसेवी भी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं।

हर साल बनती है बाढ़ की स्थिति

स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यांगबील फाटक खुलने के बाद बागबेड़ा और आसपास के इलाकों में हर साल बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। स्थानीय समाजसेवी सुबोध झा ने दावा किया कि लुइस गेट की व्यवस्था सही तरीके से नहीं होने के कारण समस्या बार-बार सामने आती है।उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके कारण क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को हर साल बारिश के मौसम में बाढ़ की परेशानी झेलनी पड़ती है।

रात में और बढ़ सकता है नदी का जलस्तर

प्रशासन की ओर से जमशेदपुर के विभिन्न नदी किनारे और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि रात में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की जा रही है।

प्रशासन और समाजसेवी राहत कार्य में जुटे

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमों के साथ स्थानीय समाजसेवी भी लोगों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और स्थिति पर नजर रखने का काम जारी है।फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।

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