खरसावां में जहरीले सांप के डसने से दो बच्चों की मौत, संतारी गांव में पसरा मातम

खरसावां। खरसावां प्रखंड के संतारी गांव में मंगलवार की सुबह जहरीले सांप के डसने से दो बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। मृतकों की पहचान 11 वर्षीय शिवा जोंकों और 13 वर्षीय सीमा जोंकों, पिता सचिन जोंकों, निवासी संतारी के रूप में हुई है।

घर में सोते समय सांप ने डसा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 5 बजे दोनों बच्चे घर में सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने दोनों को डस लिया। सांप के काटने के बाद बच्चों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। दोनों ने बताया कि उन्हें किसी जीव ने काटा है।हालांकि, इसके बाद तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। घटना की जानकारी ग्रामीणों को करीब छह घंटे बाद, सुबह 11 बजे मिली।

अस्पताल पहुंचने से पहले शिवा ने तोड़ा दम

ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही शिवा जोंकों ने दम तोड़ दिया।वहीं, सीमा जोंकों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज की कोशिश की गई, लेकिन उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

दो बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से पूरे संतारी गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण भी इस घटना से सदमे में हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिलना बेहद जरूरी है। हालांकि, इलाज में देरी से जुड़ी परिस्थितियों की प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि और जांच आवश्यक है।

सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में समय न गंवाएं

सर्पदंश की स्थिति में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। सांप के काटने के बाद पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए।ग्रामीणों से अपील है कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उपचार कराएं।

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