जमशेदपुर: रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की वास्तविक परंपरा को जीवंत रखने के लिए जमशेदपुर डाक मंडल ने एक विशेष और अनोखा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत डाक विभाग ने शहर के लगभग 100 स्कूलों को चिन्हित किया है, जहां स्कूली बच्चों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।यह अभियान पिछले एक महीने से लगातार चलाया जा रहा है, जो आगामी 23 अगस्त तक विभिन्न विद्यालयों में जारी रहेगा।


बच्चों के बीच राखी मेकिंग प्रतियोगिता; उत्कृष्ट 10 छात्र होंगे पुरस्कृत
परंपराओं से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से चिन्हित विद्यालयों में ‘खुद से राखी बनाओ’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में प्रत्येक स्कूल से उत्कृष्ट और कलात्मक राखी बनाने वाले शीर्ष 10 बच्चों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें स्वर्ण , रजत और कांस्य पदकों के साथ-साथ विशेष उपहारों से सम्मानित किया जाएगा।
बच्चों की बनाई राखी ‘फ्री’ में भेजेगा डाक विभाग
इस पूरे अभियान का सबसे खूबसूरत और सराहनीय पहलू यह है कि डाक विभाग बच्चों द्वारा स्वयं बनाई गई इन राखियों को उनके भाइयों तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी खुद उठा रहा है। छात्र-छात्राओं द्वारा अपने हाथों से बनाई गई प्यार रूपी राखियों को डाक विभाग विशेष लिफाफों में रखकर बिल्कुल नि:शुल्क उनके भाइयों के पते पर पोस्ट कर रहा है। इससे दूर-दराज रहने वाले भाइयों की कलाई तक बहनों का वास्तविक स्नेह और हस्तनिर्मित राखी समय पर पहुंच सकेगी।
“डिजिटल दौर में अपनी जड़ों से जुड़ना जरूरी” — डाक विभाग
डाकघर के अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान इंटरनेट और सोशल मीडिया के युग में लोग त्योहारों की वास्तविक आत्मा को भूलते जा रहे हैं। आज के दौर में ऑनलाइन राखी खरीदकर भेजने या वर्चुअल तरीके से शुभकामनाएं देने का चलन बढ़ गया है, जिससे भाई की कलाई पर बहन के हाथों से बनी राखी और उसका भावनात्मक स्पर्श गायब होता जा रहा था। जमशेदपुर डाकघर की यह पहल बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति, डाक सेवा के महत्व और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
