जमशेदपुर: सोनारी मरीन ड्राइव रोड पर अब तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना वाहन चालकों को महंगा पड़ सकता है। यहां 55 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से वाहन चलाने पर हाई स्पीड इंटरसेप्टर के जरिए तस्वीर खींचकर ऑनलाइन चालान भेजा जाएगा। मरीन ड्राइव पर हुए भीषण सड़क हादसे में चार छात्रों की मौत के बाद जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस ने तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने मरीन ड्राइव क्षेत्र में हाई स्पीड गन से निगरानी अभियान की शुरुआत की।
55 किलोमीटर से अधिक रफ्तार पर कटेगा ऑनलाइन चालान
ट्रैफिक पुलिस ने मरीन ड्राइव पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए हाई स्पीड गन लगाई है। निर्धारित 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक गति से वाहन चलाने वालों की तस्वीर हाई स्पीड इंटरसेप्टर से कैद की जाएगी। इसके आधार पर वाहन मालिक के घर ऑनलाइन चालान भेजा जाएगा।ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि विभाग के पास दो हाई स्पीड गन हैं। इनमें से एक एनएच-33 पर निगरानी के लिए इस्तेमाल की जा रही है, जबकि दूसरी को मरीन ड्राइव क्षेत्र में लगाया गया है।
चार छात्रों की मौत के बाद ट्रैफिक पुलिस सख्त
मरीन ड्राइव पर हुए सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी समेत चार छात्रों की मौत के बाद यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर में स्कूलों के बाहर और विभिन्न चौक-चौराहों पर लगातार ट्रैफिक चेकिंग की जा रही है।इसी अभियान के तहत अब तेज रफ्तार वाहनों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। मरीन ड्राइव में हाई स्पीड गन से निगरानी शुरू करना इसी कार्रवाई का हिस्सा है।
सड़क हादसों पर अंकुश लगाना ट्रैफिक पुलिस का लक्ष्य
ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और तेज रफ्तार से गाड़ी नहीं चलाने की अपील की।उन्होंने विशेष रूप से मरीन ड्राइव से गुजरने वाले वाहन चालकों से 55 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रफ्तार रखने की अपील की। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों को हर समय हेलमेट पहनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हेलमेट दुर्घटना के दौरान जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
