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जमशेदपुर: लौह नगरी जमशेदपुर अपनी औद्योगिक पहचान के साथ ऐतिहासिक धरोहर को भी संजोए हुए है। साकची स्थित जमशेदपुर सिक्का संग्रहालय ऐसी ही एक अनोखी जगह है, जहां सिक्कों के माध्यम से भारत के करीब 2600 साल पुराने इतिहास, संस्कृति और आर्थिक विकास की झलक देखने को मिलती है। झारखंड के इस अनूठे संग्रहालय में 1200 से अधिक दुर्लभ सिक्कों और नोटों का संग्रह मौजूद है, जो प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक दौर तक मुद्रा के सफर को दर्शाता है।29 मार्च 2009 को स्थापित इस संग्रहालय का निर्माण टाटा स्टील के सहयोग से किया गया था। वर्ष 2011 से इसका प्रबंधन और संचालन कॉइन कलेक्टर्स क्लब कर रहा है। संग्रहालय का उद्देश्य खास तौर पर स्कूली बच्चों को भारतीय इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, धातु विज्ञान और प्राचीन महाजनपदों की मुद्रा से परिचित कराना है।
पंचमार्क सिक्कों से आधुनिक नोटों तक का सफर
जमशेदपुर सिक्का संग्रहालय की खासियत यहां मौजूद अलग-अलग कालखंडों के सिक्के हैं। संग्रह में करीब 600 ईसा पूर्व के पंचमार्क यानी आहत सिक्कों से लेकर स्वतंत्र भारत के सिक्कों तक को शामिल किया गया है। यहां प्राचीन भारत, जनजातीय समाज, राजपूत शासकों, सल्तनत काल, मुगल साम्राज्य, विभिन्न रियासतों, ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिश भारत के सिक्के देखे जा सकते हैं।संग्रहालय में भारतीय मुद्रा के विकास के साथ गणतंत्र भारत और कई विदेशी देशों के बैंक नोट भी रखे गए हैं। इसके अलावा, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में प्रचलित असामान्य आकार वाली मुद्राएं भी यहां के आकर्षण का केंद्र हैं।दस्तावेज के अनुसार, संग्रहालय में 300 से 400 ईस्वी के कालखंड का दुनिया का सबसे छोटा सिक्का भी सुरक्षित रखा गया है। यह संग्रह सिक्कों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण रखता है।
135 मुद्राशौकीनों के योगदान से समृद्ध हुआ संग्रह
संग्रहालय के विकास में देशभर के सिक्का संग्रहकर्ताओं का योगदान रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 135 मुद्राशौकीनों ने अपने दुर्लभ सिक्कों का दान देकर इसके संग्रह को समृद्ध बनाया है। यहां सोने, चांदी, तांबे, लोहे और अन्य धातुओं से बने सिक्के मौजूद हैं।संग्रहालय की स्थापना के लिए कॉइन कलेक्टर्स क्लब के सदस्यों ने टाटा स्टील से औद्योगिक शहर में सिक्का संग्रहालय बनाने के लिए स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। क्लब के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय जे.जे. ईरानी का भी उल्लेख है, जिन्होंने इस पहल से संबंधित प्राधिकरण पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।
सिर्फ संग्रहालय नहीं, इतिहास की खुली पाठशाला
जमशेदपुर सिक्का संग्रहालय का उद्देश्य केवल दुर्लभ सिक्कों को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझाना भी है। कॉइन कलेक्टर्स क्लब की ओर से विद्यार्थियों के लिए विशेष भ्रमण और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को बताया जाता है कि समय के साथ मुद्रा का स्वरूप कैसे बदला और सिक्कों पर बने चिह्न उस दौर की अर्थव्यवस्था, शासन और व्यापार के बारे में क्या जानकारी देते हैं।संग्रहालय में सिक्कों के अध्ययन, शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान पर भी जोर दिया जाता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विश्वविद्यालयों के शोधार्थी यहां सिक्कों से संबंधित अध्ययन और शोध कार्य के लिए आते हैं।
प्रदर्शनियों और शोध गतिविधियों का आयोजन
कॉइन कलेक्टर्स क्लब समय-समय पर दुर्लभ सिक्कों की थीम आधारित प्रदर्शनियां आयोजित करता है। फाउंडर्स डे, चिल्ड्रन्स डे और झारखंड स्थापना दिवस जैसे अवसरों पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। इन गतिविधियों में अनुभवी संग्रहकर्ता अपने दुर्लभ सिक्के प्रदर्शित करते हैं, जबकि नए शौकीनों को सिक्कों की पहचान और संग्रह की बारीकियां जानने का अवसर मिलता है।संग्रहालय में ऑडियो-विजुअल सुविधाओं वाला लेक्चर हॉल और लाइब्रेरी भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। यहां सिक्कों के इतिहास, उनके निर्माण में प्रयुक्त धातुओं, टकसाल के निशानों और व्यापारिक मार्गों के प्रभाव जैसे विषयों पर अध्ययन किया जाता है।
प्रेम पीयूष कुमार संभाल रहे संग्रहालय की जिम्मेदारी
संग्रहालय के क्यूरेटर और कॉइन कलेक्टर्स क्लब के जनरल सेक्रेटरी प्रेम पीयूष कुमार हैं। वे मुद्राशास्त्र यानी सिक्कों के अध्ययन से जुड़े हैं। उनके नेतृत्व में संग्रहालय सिक्कों के संरक्षण, अध्ययन और इतिहास के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
कहां है संग्रहालय और क्या है प्रवेश शुल्क?
जमशेदपुर सिक्का संग्रहालय साकची के स्ट्रेट माइल रोड पर स्थित है। संग्रहालय का पता G-4/138, स्ट्रेट माइल रोड, साकची, जमशेदपुर, झारखंड-831001 है। संग्रहालय खुलने का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक है और सोमवार को बंद रहता है। स्कूली बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क 20 रुपये और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए 30 रुपये दर्ज है।
