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जमशेदपुर: दीपावली के पावन पर्व से पूर्व जिला प्रशासन की ओर से वीर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम की पहल पर उपायुक्त सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त श्री राजीव रंजन (आईएएस) ने शहीद परिवारों को शॉल एवं मिठाई भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के माध्यम से देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने उपायुक्त का किया अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान संगठन की ओर से सार्जेंट अशोक श्रीवास्तव एवं मिथिलेश सिंह ने अंगवस्त्र भेंटकर उपायुक्त का स्वागत किया। वहीं, जिला महामंत्री सुशील कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर पूर्व सैनिकों की ओर से उनका अभिनंदन किया।इस अवसर पर उपस्थित शहीद परिवारों एवं सैनिक प्रतिनिधियों का परिचय कराया गया। साथ ही पूर्व सैनिक सेवा परिषद की गतिविधियों और सामाजिक कार्यों की जानकारी भी उपायुक्त को दी गई।
इन शहीद परिवारों को किया गया सम्मानित
सम्मान समारोह में उपायुक्त राजीव रंजन ने निम्नलिखित शहीद परिवारों को सम्मानित किया।
- शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर मनोरंजन (शौर्य चक्र, मरणोपरांत) के पिता।
- नायब सूबेदार नवीन चौधरी।
- शहीद किशन दुबे की माता श्रीमती जगमाया देवी।
- शहीद मनोज कुमार की पत्नी श्रीमती सुनीता कुमारी।
- शहीद जितेंद्र कुमार की पत्नी श्रीमती दुर्गावती देवी।
- शहीद पी. श्रीनिवास की पत्नी श्रीमती पद्मजा राव।
इसके अलावा शहीद सिपाही गणेश हांसदा (शौर्य चक्र, मरणोपरांत) एवं शहीद दिलीप बेसरा के परिवारों को घाटशिला के प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा उनके आवास पर जाकर सम्मानित किया जाएगा।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्य रहे मौजूद
इस सम्मान समारोह में संगठन की ओर से ब्रजकिशोर सिंह, सुबोध कुमार, मिथिलेश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, विजय त्रिपाठी, सतनाम सिंह, सत्येंद्र सिंह एवं दिनेश सिंह उपस्थित रहे।
शहीदों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है सम्मान
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शहीद परिवारों का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है।भारतीय सेना की तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वीर जवानों ने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। ऐसे में उनके परिवारों का सम्मान करना समाज और राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।
