
पटमदा: एनएच-33 किनारे स्थित भिलाई पहाड़ी हाट मैदान बुधवार को झारखंडी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। ‘झारखंडी कला संस्कृति मंच’ के बैनर तले आयोजित इस भव्य टुसू मेले में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ शामिल हुए। आयोजन समिति के अध्यक्ष पिंटू दत्ता के नेतृत्व में गाजे-बाजे और पारंपरिक नृत्य के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया।
चार राज्यों के कलाकारों का महासंगम
इस टुसू मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता रही। मेले के विशाल परिसर में 8 अलग-अलग मंच बनाए गए थे, जहाँ एक साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई।झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला और लोक नृत्य का प्रदर्शन किया। टुसू गीतों की गूंज और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप ने पूरे क्षेत्र को उत्सव के माहौल में डुबो दिया। चार राज्यों की संस्कृतियों के मिलन ने इस मेले को एक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
“संस्कृति ही हमारी पहचान” : मंत्री दीपक बिरुआ
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि टुसू केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के मेले झारखंड की कला को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
दिग्गजों की मौजूदगी
मेले में विशिष्ट अतिथि के रूप में घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन भी शामिल हुए। उन्होंने स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम में जिला पार्षद प्रभावती दत्ता, मुखिया शशि सिंह सरदार समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
भव्य चौड़ल प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में टुसू प्रतिमाओं और विशाल चौड़ल (बांस और रंगीन कागजों से बने ढांचे) की भव्यता देखते ही बन रही थी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आयोजन समिति के कार्यकर्ता और स्थानीय पुलिस मुस्तैद दिखी।
