
जमशेदपुर: लौहनगरी के हाई-प्रोफाइल इलाके बिष्टूपुर सर्किट हाउस एरिया से उद्यमी और आदित्यपुर स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी के अपहरण से शहर में सनसनी फैल गई है। गायब होने के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कैरव का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पुलिस और परिजनों की चिंताएं गहरा गई हैं।
इंडोनेशिया के नंबर से मिली धमकी
इस मामले में एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत मिल रहे हैं। देवांग गांधी के बयान पर बिष्टूपुर थाना में +62 83194765544 (इंडोनेशियाई कोड) और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कॉल ट्रेस करने और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।
SIT का गठन: कोल्हान DIG खुद कर रहे मॉनिटरिंग
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की। कैरव की सुरक्षित बरामदगी के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इस एसआईटी में 4 डीएसपी, 3 थाना प्रभारी और जमशेदपुर के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां जिले के अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।पुलिस की चार अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो तकनीकी (साइबर सेल) और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी कर रही हैं।
परिजनों और उद्यमियों में भारी चिंता
कैरव गांधी के अपहरण की खबर मिलते ही शहर के उद्यमी जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है। बिष्टूपुर स्थित गांधी परिवार के आवास पर लोगों का तांता लगा हुआ है। एसिया के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कैरव की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
पुलिस का दावा: जल्द होगा मामले का खुलासा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फिरौती के लिए किया गया कॉल वास्तव में विदेश से है या किसी ‘वर्चुअल नंबर’ के जरिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि पुलिस सही दिशा में बढ़ रही है और जल्द ही सफलता मिल सकती है।
