
जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र के छोलागोड़ा अंतर्गत दुमका गोड़ा क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाना एक परिवार को भारी पड़ गया। शनिवार को शराब माफियाओं ने विरोध करने पहुंचे स्थानीय युवक टिंकू, उसकी पत्नी और मां पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
योजनाबद्ध तरीके से किया गया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुमका गोड़ा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री हो रही है। आज जब टिंकू अपनी पत्नी और मां के साथ शराब माफिया के पास इसका विरोध दर्ज कराने पहुँचा, तो वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे 10 से 15 लड़कों ने उन्हें घेर लिया।हमलावरों ने लाठी-डंडों के साथ-साथ धारदार हथियारों से परिवार पर हमला बोल दिया। सरेआम हुई इस मारपीट से इलाके में दहशत फैल गई। शोर मचाने पर जब मोहल्ले के लोग जुटे, तब हमलावर वहां से भाग निकले।
पुलिस पर गंभीर आरोप: “शराब माफिया से कमाती है पैसा”
अस्पताल में इलाज करा रही घायल महिला ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है हमने अवैध शराब की बिक्री को लेकर पुलिस को कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस शराब माफियाओं के साथ मिली हुई है और उनसे पैसा कमाती है। यही कारण है कि माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब घर में घुसकर जानलेवा हमला कर रहे हैं।
क्षेत्र में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ‘ताई’ नामक शराब माफिया और उसके गुर्गों द्वारा क्षेत्र के कई लोगों के साथ मारपीट की गई है। लोगों का आरोप है कि अवैध शराब के अड्डों के कारण क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुँची और घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस पर लगे ‘सांठगांठ’ के आरोपों ने विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
