
जमशेदपुर: “प्रतिभा किसी सरहद की मोहताज नहीं होती”—इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है जमशेदपुर के सोनारी निवासी समीर पांडे ने। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के पहले लॉर्ड मेयर बनकर इतिहास रचने वाले समीर पांडे का रविवार को जमशेदपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत और नागरिक अभिनंदन किया गया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सोसाइटी और शहर में जश्न का माहौल
समीर पांडे, शत्रुघ्न पांडे के सुपुत्र हैं और सोनारी स्थित एक प्रतिष्ठित सोसाइटी के निवासी हैं। उनके ऑस्ट्रेलिया में लॉर्ड मेयर बनने की उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे झारखंड और देश को गौरवान्वित किया है। उनके सम्मान में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में लोगों का उत्साह देखते ही बनता था।
विशेष अतिथि की उपस्थिति
समारोह में शहर के पूर्व एडीसी भी शामिल हुए, जिनकी हाल ही में झारखंड सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के रूप में प्रोन्नति हुई है। उन्होंने भी समीर पांडे की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
समीर पांडे का संदेश: “मिट्टी से जुड़ाव ही असली ताकत”
अपने संबोधन में समीर पांडे भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के संस्कारों और जमशेदपुर की शिक्षा व संस्कृति को दिया। उन्होंने कहा कि वे भले ही ऑस्ट्रेलिया में सेवा दे रहे हैं, लेकिन उनका दिल हमेशा अपनी मातृभूमि जमशेदपुर के लिए धड़कता है। उन्होंने युवाओं से कड़ी मेहनत और बड़े सपने देखने का आह्वान किया।
कौन हैं समीर पांडे?
समीर पांडे ने ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वे भारतीय मूल के ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने वहां ‘लॉर्ड मेयर’ जैसे महत्वपूर्ण और गरिमामय पद को सुशोभित किया। उनकी इस उपलब्धि को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
