
चाईबासा:झारखंड में केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता के बीच अब केंद्रीय जीएसटी की टीम ने चाईबासा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार को सीजीएसटी की टीम ने झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के भाई विनय ठाकुर के आवास पर छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई से जिले के व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
दो गाड़ियों में पहुँचे अधिकारी, सुरक्षा घेरे में जांच
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जीएसटी की टीम दो गाड़ियों में सवार होकर विनय ठाकुर के चाईबासा स्थित आवास पर पहुँची। टीम के पहुँचते ही घर के प्रवेश द्वार को सुरक्षित कर लिया गया और किसी के भी अंदर या बाहर जाने पर रोक लगा दी गई। सूत्रों के मुताबिक, विभाग को टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कुछ पुख्ता इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर यह दबिश दी गई है।
सत्यम बिल्डर्स के वित्तीय लेनदेन पर नज़र
विनय ठाकुर ‘सत्यम बिल्डर्स’ नामक कंपनी के मालिक हैं, जो निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सक्रिय है। सीजीएसटी की टीम मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है। कंपनी के पिछले कुछ वर्षों के टर्नओवर और जीएसटी रिटर्न के मिलान की पड़ताल। निर्माण कार्यों में उपयोग की गई सामग्री और इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों की वैधता।कंपनी से जुड़े विभिन्न बैंक खातों और बड़े वित्तीय लेनदेन के कागजातों की बारीकी से जांच।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
चूँकि विनय ठाकुर पूर्व कद्दावर मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई हैं, इसलिए इस छापेमारी के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। चाईबासा और आसपास के इलाकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, सीजीएसटी विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच के बाद होगा बड़ा खुलासा
अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से दूरी बनाई हुई है। बताया जा रहा है कि कागजातों की भारी संख्या को देखते हुए यह जांच देर रात तक या कल भी जारी रह सकती है। विभाग के आधिकारिक बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितनी टैक्स चोरी या वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
