
आदित्यपुर/सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा और चौंकाने वाला राजनीतिक दांव खेला है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा ने मेयर पद के लिए अपनी घोषित प्रत्याशी प्रभासिनी कालुंडिया का नाम वापस कराते हुए, अब एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सरदार को अपना आधिकारिक समर्थित उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
आपातकालीन बैठक में हुआ बड़ा फैसला
शुक्रवार को आदित्यपुर में भाजपा की एक उच्च स्तरीय और आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चुनावी समीकरणों पर गहन मंथन के बाद प्रत्याशी बदलने का निर्णय लिया गया।बैठक में मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश प्रभारी सह राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा उपस्थित थे।बताया जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर प्रभासिनी कालुंडिया ने संगठन के निर्णय का सम्मान करते हुए संजय सरदार के पक्ष में अपनी दावेदारी वापस ले ली।
संजय सरदार पर क्यों दांव?
संजय सरदार वर्तमान में भाजपा एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष हैं और उनकी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने विपक्षी दलों के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को काटने के लिए यह “मास्टर स्ट्रोक” खेला है।संजय सरदार संगठन के पुराने और वफादार कार्यकर्ता रहे हैं, जिसका लाभ चुनाव में मिल सकता है।
आदित्यपुर की राजनीति में हलचल
अचानक लिए गए इस फैसले ने विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है। भाजपा के इस कदम को आदित्यपुर नगर निगम चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। बैठक में पूर्व मेयर विनोद श्रीवास्तव, वरिष्ठ नेता शैलेंद्र सिंह सहित जिला स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने सर्वसम्मति से संजय सरदार की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
मुकाबला हुआ रोचक
प्रभासिनी कालुंडिया के हटने और संजय सरदार के आने से अब मेयर पद का मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अब भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में संजय सरदार का सीधा मुकाबला अन्य निर्दलीय और विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवारों से होगा।
