
जमशेदपुर: खगोलीय घटनाओं की दृष्टि से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी, जो शाम 7 बजकर 57 मिनट तक जारी रहेगी। हालांकि, ज्योतिषीय और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, भारतवासियों के लिए राहत की बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
भारत में सूतक काल प्रभावी नहीं
खगोल विज्ञानियों और ज्योतिषियों ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह ग्रहण भारत में अदृश्य है, इसलिए यहां इसका कोई भी धार्मिक प्रभाव या सूतक काल मान्य नहीं होगा। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण वहीं प्रभावी माना जाता है जहां वह नग्न आंखों से दिखाई दे। इसी कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों के मंदिरों में आज कोई पाबंदी नहीं है।
मंदिरों में नियमित अनुष्ठान जारी
आमतौर पर ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ वर्जित होता है, लेकिन आज जमशेदपुर और राज्य के अन्य हिस्सों में स्थिति सामान्य है।शहर के प्रसिद्ध मंदिरों के पट सुबह से खुले रहे।आरती, भोग और अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूर्व निर्धारित विधि-विधान से संपन्न किए जा रहे हैं। श्रद्धालु बिना किसी संकोच या संशय के मंदिरों में पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं।
क्या कहते हैं जानकार?
धार्मिक जानकारों और पंडितों का कहना है कि पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण की सावधानियां (जैसे सूतक का पालन, भोजन न करना, दान-पुण्य) केवल उन्हीं स्थानों पर अनिवार्य होती हैं, जहां ग्रहण दृश्य होता है।
“भारत में ग्रहण का साया नहीं होने के कारण मंदिरों में नियमित गतिविधियां जारी हैं। श्रद्धालुओं को घबराने या किसी भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है।”
— स्थानीय पुजारी
