
नीमडीह/सरायकेला: सरायकेला जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह थाना क्षेत्र के मुरु गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक ईंट भट्ठे पर निगरानी करने गए 41 वर्षीय युवक खितिस चंद्र महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार सुबह शव मिलने के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
रात को घर से निकले थे खितिस, सुबह मिली लाश
मृतक के परिजनों ने बताया कि मंगलवार को ईंट भट्ठे में पकाने के लिए आग लगाई गई थी। खितिस चंद्र महतो भट्ठे की देखरेख के लिए मंगलवार देर शाम भोजन करने के बाद घर से निकले थे। रात भर उनके वापस न लौटने पर बुधवार सुबह परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद भट्ठे के पास ही उनका शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला।
पुलिस की प्रारंभिक जांच: चोट के निशान नहीं
शव मिलने की सूचना पाकर नीमडीह थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा घटनास्थल का गहन मुआयना किया गया। थाना प्रभारी ने बताया शव पर बाहरी चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।पुलिस मौत के विभिन्न पहलुओं जैसे—भट्ठे से निकलने वाली जहरीली गैस, अचानक आई शारीरिक समस्या या किसी दुर्घटना की संभावना पर जांच कर रही है।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
परिजनों और ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
41 वर्षीय खितिस चंद्र महतो अपने पीछे हँसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। उनकी आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मुरु गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भट्ठे पर सुरक्षा मानकों की कोई कमी तो नहीं थी।
