
जमशेदपुर: द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स जमशेदपुर चैप्टर द्वारा मंगलवार को ‘आईआईएम फाउंडेशन डे’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धातुकर्म (मेटालर्जी) और सामग्री विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े युवाओं को प्रेरित करना था।इस अवसर पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जमशेदपुर और बीआईटी सिंदरी के धातुकर्म एवं सामग्री इंजीनियरिंग विभाग के छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
बेल्डीह क्लब में ‘एलिवेटर पिच’ प्रतियोगिता
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे बेल्डीह क्लब में आयोजित ‘एलिवेटर पिच’ प्रतियोगिता से हुई।प्रतियोगिता में छात्रों के लिए ‘धातुकर्म और सामग्री विज्ञान में भविष्य की चुनौतियां’ तथा आईआईएम सदस्यों के लिए ‘धातुकर्म और सामग्री विज्ञान में हालिया विकास’ जैसे महत्वपूर्ण विषय निर्धारित किए गए थे।इस मंच ने प्रतिभागियों को अपने नवाचारी विचारों और शोध दृष्टिकोण को संक्षिप्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान
‘एक्सपर्ट टॉक्स’ सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में ‘आईआईएम नेशनल मेटालर्जिस्ट अवार्ड-2025’ के विजेता डॉ. अनूप कुमार ‘आईआईएम यंग मेटालर्जिस्ट अवार्ड-2025’ से सम्मानित डॉ. अम्मासी श्री कौशल ने अपने अनुभव साझा किए।विशेषज्ञों के व्याख्यानों ने छात्रों को उद्योग, अनुसंधान और करियर संभावनाओं की बारीकियों से अवगत कराया तथा उनमें नई ऊर्जा और महत्वाकांक्षा का संचार किया।
सम्मान समारोह और विशिष्ट अतिथि
समारोह के दौरान आईआईटी हैदराबाद में आयोजित पिछले आईआईएम-एटीएम 2025 में पुरस्कृत स्थानीय चैप्टर सदस्यों को सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक डॉ. गौतम सूत्रधार ने छात्रों को संबोधित करते हुए धातुकर्म एवं सामग्री विज्ञान क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अतनु रंजन पाल ने अपने स्वागत भाषण में नेटवर्किंग, ज्ञान-साझाकरण और व्यक्तिगत विकास के लिए आईआईएम प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लाभ बताए।
150 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता
कार्यक्रम में डॉ. सौमित्र तरफदार, प्रो. अशोक कुमार, डॉ. ए.एन. भगत, डॉ. वी.सी. श्रीवास्तव, डॉ. हिमांशु मिश्रा और डॉ. टी. भास्कर सहित कई वरिष्ठ पेशेवर उपस्थित रहे।150 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति में संपन्न इस सफल आयोजन का समापन आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के सचिव डॉ. गोपी किशोर मंडल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
