
जमशेदपुर: जमशेदपुर के कदमा स्थित डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में साइंस क्लब के तत्वावधान में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महान भारतीय भौतिक विज्ञानी सर सीवी रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की खोज की स्मृति में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
डॉ. रमन के जीवन संघर्ष पर दिखाई गई डॉक्यूमेंट्री
इस अवसर पर बी.एड. प्रशिक्षुओं के लिए कई ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित की गईं। एक विशेष डॉक्यूमेंट्री के जरिए डॉ. सीवी रमन के जीवन संघर्ष और उनकी महान वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया, जिससे भावी शिक्षक प्रेरित हुए।
‘जब गूगल बन जाए गुरु’ नाटक रहा मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘जब गूगल बन जाए गुरु’ नामक विज्ञान नाटक रहा। इस नाटक के माध्यम से आधुनिक दौर में तकनीक, गूगल और शिक्षा के बदलते स्वरूप व उनके अंतर्संबंधों को बखूबी दर्शाया गया। इसके अलावा विज्ञान प्रदर्शनी और सामूहिक नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की अपील
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। भावी शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और चेतना विकसित करें।वहीं, उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सूचना और प्रौद्योगिकी की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
सफल आयोजन में इनकी रही भूमिका
कार्यक्रम का सफल संचालन अमृता एवं मनप्रीत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रत्येक्षा द्वारा दिया गया। आयोजन को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा भारती और अमृता चौधरी का विशेष योगदान रहा।इस मौके पर कॉलेज की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह-सचिव सुधा दिलीप सहित समस्त शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
