
जमशेदपुर: सुंदर नगर स्थित रेलवे फाटक पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मरम्मत कार्य के कारण फाटक को लगभग 45 मिनट तक बंद रखा गया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच फंसे राहगीरों का धैर्य उस वक्त टूट गया जब लाइन में लगे एक वाहन चालक बेहोश हो गए। इसके बाद लोगों और मौके पर तैनात आरपीएफ जवान के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
रेलवे फाटक का हिस्सा टूटने से शुरू हुआ काम
जानकारी के अनुसार, रेलवे फाटक के गेट का एक हिस्सा अचानक टूट गया था। रेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया, जिसके कारण फाटक को दोनों ओर से बंद कर दिया गया। फाटक बंद होने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
गर्मी ने बढ़ाई मुसीबत, एक चालक हुआ बेहोश
दोपहर की तेज धूप और लू जैसी स्थिति के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों का बुरा हाल था। इसी दौरान घंटों इंतजार करने के कारण एक वाहन चालक अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन इस घटना ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया।
आरपीएफ जवान और लोगों के बीच झड़प
वहां मौजूद लोगों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के जवान स्थिति को संभालने या उच्च अधिकारियों से बात कर फाटक खुलवाने के बजाय वर्दी का धौंस दिखा रहे थे। लोगों का कहना था कि इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए थी। इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों और जवान के बीच तीखी बहस हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पास में ही थाना, फिर भी नहीं पहुंची पुलिस
हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर सुंदर नगर पुलिस थाना स्थित है, लेकिन करीब 45 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और जाम की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लगी। जब तक स्थिति सामान्य हुई, तब तक यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
45 मिनट बाद शुरू हुई आवाजाही
लगभग 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद रेलवे फाटक की मरम्मत का कार्य पूरा हुआ। फाटक खुलने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, इस दौरान फंसे लोगों में रेलवे प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली को लेकर काफी नाराजगी देखी गई।
