जमशेदपुर: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की सख्त चेतावनी—लापरवाही से वाहन चलाया तो रद्द होगा लाइसेंस, ओवरलोडिंग पर वाहन मालिकों की तय होगी जवाबदेही

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में यातायात एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी, फिर भी लापरवाही बनी बड़ी वजह

बैठक में जनवरी और फरवरी माह की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद अधिकांश मामलों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालक ही हादसों का शिकार हो रहे हैं।समीक्षा में यह भी पाया गया कि अधिकांश दुर्घटनाएं सीधे तौर पर चालकों की लापरवाही के कारण हुई हैं। इसके प्रमुख कारणों में गलत दिशा में वाहन चलाना, तेज रफ्तार और ड्रिंक एंड ड्राइव जैसी गंभीर लापरवाहियां शामिल हैं।

नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने का निर्देश

उपायुक्त ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों पर जुर्माने के साथ-साथ उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाएं।इसके साथ ही निम्न मामलों में भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया जिसमे यात्री वाहनों, मालवाहक वाहनों और स्कूल वैन में ओवरलोडिंग,सड़क पर कहीं भी वाहन रोककर सवारी चढ़ाने-उतारने की प्रवृत्ति,बिना फिटनेस और पुरानी गाड़ियों का संचालन ।ऐसे मामलों में वाहन मालिकों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने को कहा गया।

ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों को भी दिए गए निर्देश

बैठक में ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिया गया कि हेवी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीकरण के दौरान मानकों के अनुसार जांच की जाए और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।साथ ही यातायात पुलिस को पिछले वर्ष की तुलना में कम हुए राजस्व को बढ़ाने के लिए भी निर्देशित किया गया।

विद्यार्थियों में बढ़ेगी यातायात नियमों की जागरूकता

उपायुक्त ने स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। इसके अलावा शहर में घूम रहे मानसिक रूप से विक्षिप्त और निराश्रित लोगों को शहरी निकाय के सरकारी आश्रय गृहों में पुनर्वास के लिए ट्रैफिक पुलिस और पुलिस पोस्ट को पहल करने के निर्देश दिए गए।

हिट एंड रन मामलों में मुआवजा जल्द देने का निर्देश

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने हिट एंड रन, जीआईएस बीमा और आपदा योजना से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर प्रभावित परिवारों को त्वरित मुआवजा देने का निर्देश दिया।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारी

बैठक में उपायुक्त के अलावा वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे, धालभूम के एसडीएम अर्नव मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, घाटशिला एसडीओ सुनील चंद्र, डीएसपी ट्रैफिक, डीएसपी हेडक्वार्टर तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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