जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर मरीज ने दी जान, गंभीर बीमारियों से था परेशान, अस्पताल में मची अफरा-तफरी

जमशेदपुर। लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शुक्रवार तड़के एक हृदय विदारक घटना सामने आई। अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती एक मरीज ने चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सुबह करीब 4 बजे हुई इस घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

परसुडीह का निवासी था मृतक, 16 मार्च को हुआ था भर्ती

मृतक की पहचान जमशेदपुर के परसुडीह क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मरीज लंबे समय से एचआईवी और टीबी जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहा था।उसका इलाज पहले सदर अस्पताल में चल रहा था, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उसे 16 मार्च को एमजीएम के मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट किया गया था। वह पहले भी कई बार इलाज के लिए यहाँ भर्ती हो चुका था।

दो बार मां ने बचाया, पर तीसरी बार हो गया हादसा

घटनाक्रम के अनुसार, मरीज मानसिक रूप से काफी तनाव में था और रात भर बेचैन रहा। देर रात मरीज ने वार्ड की खिड़की से दो बार कूदने की कोशिश की थी, लेकिन साथ में मौजूद उसकी मां ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और समझा-बुझाकर शांत कराया। तड़के करीब 4 बजे थकान के कारण मां की नींद लग गई। इसी का फायदा उठाकर मरीज खिड़की पर चढ़ गया। मां की जब तक आंख खुली और उन्होंने रोकने का प्रयास किया, तब तक मरीज नीचे कूद चुका था।

अस्पताल की सुरक्षा और जांच पर उठे सवाल

घटना के तुरंत बाद अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल मरीज की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों के वार्डों में खिड़कियों की सुरक्षा और गंभीर रूप से बीमार तनावग्रस्त मरीजों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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