जमशेदपुर: लौहनगरी के प्रतिष्ठित करीम सिटी कॉलेज, साकची के रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर विभाग के तत्वावधान में आज ‘विश्व मौसम दिवस’ के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। “जलवायु परिवर्तन” विषय पर केंद्रित यह कार्यशाला कल शाम तक चलेगी, जिसमें वैज्ञानिक, शोधकर्ता और छात्र पर्यावरण की गंभीर चुनौतियों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड का बढ़ता स्तर जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण
कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. तपन कुमार शंकर (असिस्टेंट प्रोफेसर, जी.एच. रायसोनी विश्वविद्यालय, अमरावती) ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विषय की गंभीरता को रेखांकित किया।उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस का अत्यधिक उत्पादन जलवायु परिवर्तन का सबसे प्रमुख कारण है। इसके परिणामस्वरूप ग्लोबल वार्मिंग और मौसम की चरम घटनाएं (जैसे अत्यधिक गर्मी या बेमौसम बारिश) भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत दे रही हैं।
विषय विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज के स्वागत भाषण से हुई। इसके पश्चात कई मुख्य वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए ।डॉ. मुदिला धनंजय राय (वैज्ञानिक, नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी ) ने तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।बसंत शुभांकर (के.एस. कॉलेज, सरायकेला) एवं डॉ. आले अली (करीम सिटी कॉलेज) ने भी जलवायु कार्रवाई में व्यक्तिगत और संस्थागत भूमिका पर जोर दिया।
जागरूकता और पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर
रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. खुर्शीद अनवर की देखरेख में आयोजित इस वर्कशॉप का उद्देश्य पर्यावरणीय स्थिरता और ग्लोबल वार्मिंग के प्रति छात्रों में जागरूकता पैदा करना है।कार्यक्रम में कॉलेज सचिव डॉ. मोहम्मद ज़करिया, फैकल्टी इंचार्ज डॉ. तुफैल अहमद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।पहले दिन के सत्र की समाप्ति पर कार्यशाला के कोऑर्डिनेटर अलीजान हुसैन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
“जलवायु परिवर्तन केवल एक वैज्ञानिक विषय नहीं, बल्कि मानवता के अस्तित्व का सवाल है। हमें व्यक्तिगत स्तर पर कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में कार्य करना होगा।” — डॉ. मोहम्मद रेयाज, प्राचार्य
