जमशेदपुर: लौहनगरी के गोविंदपुर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने से भीषण जल संकट पैदा हो गया है। भीषण गर्मी के बीच बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया। आक्रोशित लोगों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।
21 पंचायतों में हाहाकार, त्योहारों पर मंडराया संकट
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गोविंदपुर जलापूर्ति योजना बंद होने के कारण क्षेत्र की 21 पंचायतों की बड़ी आबादी पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।रामनवमी, चैती छठ और सरहुल जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों के ऐन वक्त पर पानी की किल्लत ने स्थानीय निवासियों की चिंता और बढ़ा दी है। कई दिनों से नल-जल योजना ठप होने के कारण महिलाओं और बच्चों को चिलचिलाती धूप में दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
“नल है पर जल नहीं”: जनप्रतिनिधियों का फूटा गुस्सा
उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि जलापूर्ति योजना में आई तकनीकी खराबी को दूर करने में विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है।प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक मुख्य पाइपलाइन और पंप ठीक नहीं होते, तब तक प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए तत्काल पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।ग्रामीणों ने दोटूक कहा कि यदि 48 घंटों के भीतर जलापूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो वे चक्का जाम और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बुनियादी जरूरतों की अनदेखी पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पानी जैसी अनिवार्य सेवा की अनदेखी मानवाधिकारों का उल्लंघन है। गर्मी शुरू होते ही इस तरह की समस्या विभाग की दूरदर्शिता और मेंटेनेंस की पोल खोलती है।
