चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य महकमे में गुरुवार को नए अध्याय की शुरुआत हुई। डॉ. जुझार मांझी ने आधिकारिक तौर पर जिले के नए सिविल सर्जन के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान प्रभारी सीएस डॉ. मीना कालूंडिया से कार्यभार लिया। इस अवसर पर सदर अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
“जिले की चुनौतियों से हूँ वाकिफ, टीम का साथ जरूरी”
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए डॉ. जुझार मांझी ने अपने अनुभव और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम एक बड़ा जिला है जिसमें 15 प्रखंड शामिल हैं, लेकिन उन्हें यहाँ काम करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। डॉ. मांझी ने बताया कि वे पहले भी इस जिले में साढ़े चार महीने कार्य कर चुके हैं, इसलिए वे यहाँ की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को एक ‘मजबूत टीम’ बताया। डॉ. मांझी ने कहा, “यहाँ एक बेहतरीन टीम पहले से मौजूद है, बस उसे एक कुशल कप्तान की जरूरत थी। मैं सभी के साथ मिलकर कप्तानी करूँगा और यह सुनिश्चित करूँगा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।”
रक्त की कमी दूर करना प्राथमिकता: सामाजिक संस्थाओं से अपील
सदर अस्पताल में रक्त की उपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल पर नए सिविल सर्जन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्वीकार किया कि सदर अस्पताल को प्रतिदिन औसतन 10 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है।डॉ. मांझी ने जिले की सामाजिक संस्थाओं से विशेष अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करें ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके। उन्होंने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल के साथ भी समन्वय स्थापित करेंगे ताकि जटिल मामलों और संसाधनों में सहयोग लिया जा सके।
स्वागत समारोह में मौजूद रहे दिग्गज चिकित्सक
इस गरिमामय अवसर पर सदर अस्पताल के डीएस डॉ. शिव चरण हांसदा, डॉ. मीनू कुमारी, डॉ. आलोक रंजन महतो, डॉ. बी. मरांडी, डॉ. दीपक कुमार सिन्हा और डॉ. प्रदीप कुमार सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। साथ ही स्वास्थ्य कर्मी वन रंजन सिन्हा, आशीष कुमार और अवनीश कुमार सिन्हा ने भी नए सिविल सर्जन का स्वागत किया।डॉ. जुझार मांझी के नेतृत्व में अब चाईबासा सदर अस्पताल और जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रबंधन की उम्मीद जगी है।
