एलबीएसएम कॉलेज में छात्र संघ का हल्ला बोल: छात्राओं की सुरक्षा और बदहाली पर कॉलेज प्रशासन को 7 दिनों का अल्टीमेटम

जमशेदपुर : जमशेदपुर के प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा के गिरते स्तर को लेकर छात्र संघ ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आजसू युवा मोर्चा के प्रभारी दीपक पाण्डेय के दिशा-निर्देश पर छात्र अध्यक्ष सोनू कुमार साव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

‘शिक्षा के मंदिर’ में बुनियादी सुविधाओं का अकाल

छात्र संघ का आरोप है कि कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए न्यूनतम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। प्रदर्शन के दौरान निम्नलिखित मुख्य मुद्दों को उठाया गया। कॉलेज में शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है, जिससे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इनकी तत्काल सफाई और रखरखाव की मांग की गई है। कैंपस में स्वच्छ पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का अभाव है, जिसे जल्द दुरुस्त करने को कहा गया है।छात्रों ने कक्षाओं के अनियमित संचालन और पहचान पत्र के वितरण में हो रही देरी पर भी कड़ा ऐतराज जताया।

छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल: ‘पिंक पेट्रोलिंग’ की मांग

छात्र संघ ने सबसे गंभीर मुद्दा छात्राओं की सुरक्षा का उठाया है। कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में छात्राओं के साथ होने वाली छेड़खानी और असुरक्षा को रोकने के लिए विशेष ‘पिंक पेट्रोलिंग’ शुरू करने की मांग की गई है। कैंपस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेशेवर गार्डों की स्थायी नियुक्ति की मांग पर जोर दिया गया है।

7 दिनों का अल्टीमेटम: “बहनों की असुरक्षा बर्दाश्त नहीं”

छात्र अध्यक्ष सोनू कुमार साव ने कॉलेज प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र संघ अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है।शिक्षा के मंदिर में हमारी बहनों की असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का अभाव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने प्रशासन को 7 दिनों का समय दिया है। यदि एक सप्ताह के भीतर सुधार नहीं दिखा, तो छात्र संघ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होगी।

छात्र एकता का प्रदर्शन

ज्ञापन सौंपने के दौरान कॉलेज के दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि फीस लेने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं न देना प्रबंधन की विफलता है। अब देखना यह है कि कॉलेज प्रशासन इस अल्टीमेटम के बाद क्या कदम उठाता है।

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