जमशेदपुर : रेलवे के ‘पहिए’ थामने वाले लोको पायलटों ने अब अपनी मांगों को लेकर हुंकार भर दी है। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को टाटानगर, आदित्यपुर और चक्रधरपुर मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों की गार्ड-क्रू लॉबी पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे केंद्रीय कमेटी के धरने के समर्थन में आयोजित किया गया था।
माइलेज भत्ते में ‘मामूली’ वृद्धि से भड़के रेलकर्मी
प्रदर्शनकारी लोको पायलटों का मुख्य विरोध भत्तों में की गई नाममात्र की बढ़ोतरी को लेकर है। उनकी प्रमुख दलीलें और मांगें निम्नलिखित हैं ।लोको पायलटों के अनुसार, माइलेज भत्ते में कम से कम 50 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान वृद्धि बेहद कम है। एसोसिएशन ने केएमए भत्ते में 23 प्रतिशत और महंगाई भत्ते को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई है। वेतन वृद्धि के 30 प्रतिशत ‘वेतन तत्व’ के लाभ को धीरे-धीरे समाप्त करने की रेलवे की नीति का कड़ा विरोध किया गया है।
आयकर छूट और वेतनमान सीमा पर सवाल
लोको पायलटों ने केवल भत्तों पर ही नहीं, बल्कि सेवा शर्तों और कर व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। रनिंग स्टाफ ने माइलेज भत्ते को आयकर की सीमा से बाहर रखने की मांग की है।वेतनमान की जो अधिकतम सीमा तय की गई है, उसे तुरंत समाप्त करने की मांग की गई ताकि वरिष्ठ पायलटों को आर्थिक नुकसान न हो। ड्यूटी के घंटों के निर्धारण और रनिंग स्टाफ की अन्य विसंगतियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।
टाटानगर और आदित्यपुर में कामकाज पर असर की आहट
कीताडीह रोड स्थित टाटानगर लॉबी और आदित्यपुर में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हुए।”हम दिन-रात ट्रेनें चलाकर देश की अर्थव्यवस्था को गति देते हैं, लेकिन जब हमारे हक और भत्तों की बात आती है, तो रेलवे प्रशासन उपेक्षा करता है। दिल्ली से जो भी निर्देश मिलेगा, हम बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं।” — एसोसिएशन के स्थानीय पदाधिकारी
फिलहाल यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोको पायलटों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में रेल परिचालन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
