रामगढ़। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित होने वाली जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन-मेंस परीक्षा में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने वाले एक बड़े गैंग का रामगढ़ में भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 70 कंप्यूटर, तीन राउटर, एक सीपीयू, चार मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी जब्त की है। इस पूरे मामले का खुलासा रामगढ़ एसपी अजय कुमार की सक्रियता से हुआ। वहीं डीसी फ़ैज़ अक अहमद मुमताज ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित कर पूरी रिपोर्ट मांगी है।
परीक्षा पास कराने के नाम पर वसूली जा रही थी मोटी रकम
एसपी अजय कुमार ने बताया कि रामगढ़ जिले के राधा गोविंद विश्वविद्यालय में 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक जेईई मेंस की परीक्षा आयोजित होनी थी। इसी परीक्षा में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए गैंग द्वारा मोटी रकम वसूली जा रही थी।विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी की सूझबूझ से इस बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
ये लोग हुए गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं —
दिनेश कुमार महतो – निवासी कोठार गांव, रामगढ़ (विश्वविद्यालय कर्मचारी / टेक्नीशियन)
शकिर अंसारी – निवासी आनंदी, ठुमरटोली, ओरमांझी (रांची)
सूरज कुमार सिंह – निवासी भाथा गांव, मकेर थाना, सारण (बिहार)
कंप्यूटर सिस्टम बदलकर अभ्यर्थियों को पास कराने की थी योजना
जानकारी के अनुसार, हर वर्ष एनटीए द्वारा जेईई मेंस परीक्षा आयोजित की जाती है और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी टीसीएस कंपनी को दी जाती है। पिछले चार वर्षों से रामगढ़ के राधा गोविंद विश्वविद्यालय के सी ब्लॉक स्थित कंप्यूटर लैब में यह परीक्षा आयोजित होती रही है।इस वर्ष भी परीक्षा केंद्र घोषित होने के बाद टीसीएस के कुछ कर्मचारियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चुनिंदा विद्यार्थियों को पास कराने की योजना बनाई।
रविवार को टीसीएस कंपनी का कर्मचारी राजेश ठाकुर अपने साथियों के साथ विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा। उनके साथ विश्वविद्यालय का कर्मचारी दिनेश महतो भी मौजूद था। सभी ने गार्ड को टीसीएस का हवाला देकर कंप्यूटर लैब में प्रवेश किया और वहां कंप्यूटर सिस्टम, मॉनिटर, सीपीयू, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ शुरू कर दी।
शक होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन को दी गई सूचना
जब विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों को उनकी गतिविधियों पर शक हुआ तो उन्होंने तुरंत कैंपस इंचार्ज संजीव कुमार सिंह को इसकी सूचना दी। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल को भी मौके पर बुलाया गया।स्थिति बिगड़ती देख आरोपी मौके से भागने लगे। इस दौरान राजेश ठाकुर और रवि शंकर बाउंड्री फांदकर फरार हो गए। वहीं शकिर अंसारी, सूरज कुमार सिंह और दिनेश महतो को मौके पर ही पकड़ लिया गया।सूरज कुमार सिंह फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गार्ड ने मुख्य गेट बंद कर दिया जिससे वह पकड़ा गया।
पूछताछ में सामने आया पूरा खेल
पुलिस पूछताछ में दिनेश महतो ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि राजेश ठाकुर और रविशंकर ने जेईई मेंस परीक्षा में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का प्रस्ताव दिया था।इसके बदले उन्हें मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। योजना के तहत कंप्यूटर लैब के सिस्टम में बदलाव कर परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करने की तैयारी थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्रति मॉनिटर 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी।
रामगढ़ थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
इस मामले में राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल की शिकायत पर रामगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।एफआईआर में विश्वविद्यालय के कर्मचारी दिनेश कुमार महतो, टीसीएस कर्मचारी राजेश ठाकुर, रविशंकर, शकिर अंसारी, फॉर्च्यूनर गाड़ी संख्या WB 39E 5455 में सवार सूरज कुमार सिंह, वाहन मालिक (निवासी छपरा) और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। डीसी फ़ैज़ अक अहमद मुमताज ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है।वहीं पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।
