जमशेदपुर: आरसेटी कदमा में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने की प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन पर दिया जोर

जमशेदपुर: जिले में कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), कदमा में सोमवार को जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार करना तथा वित्तीय समावेशन योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना रहा।

प्रशिक्षण के परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए – उपायुक्त

बैठक के दौरान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरसेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के परिणाम स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों से नियमित रूप से फीडबैक लिया जाए और उसके आधार पर पाठ्यक्रम तथा प्रशिक्षण पद्धति में आवश्यक सुधार किए जाएं।उन्होंने कहा कि यदि प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहतर और व्यवहारिक होंगे, तो प्रशिक्षुओं को बेहतर कौशल और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

ब्यूटीशियन कोर्स की प्रशिक्षुओं से किया संवाद

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने ब्यूटीशियन कोर्स की नई बैच की प्रशिक्षुओं से बातचीत भी की। उन्होंने प्रशिक्षुओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं।

सफल अभ्यर्थियों ने साझा किए अनुभव

इस अवसर पर आरसेटी से पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुछ सफल अभ्यर्थियों से भी उपायुक्त ने बातचीत की। अभ्यर्थियों ने बताया कि आरसेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं से इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, उनका लाभ उठाने तथा अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने की अपील की।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर

बैठक के दौरान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना समय की जरूरत है।

वित्तीय समावेशन पर भी हुई समीक्षा

वित्तीय समावेशन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बैंकिंग क्रॉसपोंडेंट को निर्देश दिया कि वे केवल शिविर आयोजित करने तक सीमित न रहें, बल्कि खातों की सक्रियता, ऋण उपलब्धता और योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि ठोस उपलब्धियां ही वित्तीय समावेशन के वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर सकती हैं।

कई अधिकारी बैठक में रहे मौजूद

बैठक में जिले में कौशल विकास और वित्तीय सशक्तिकरण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए। इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के जमशेदपुर उप अंचल प्रबंधक अजीत कांत,एलडीएम संजीव कुमार चौधरी,डीडीएम नाबार्ड जस्मिका बास्के,जेएसएलपीएस के डीपीएम सुजीत बारी,जिला कृषि पदाधिकारी विवेक बिरुआ,डीएएचओ समरजीत मंडल,आरसेटी के निदेशक देवेंद्र नाथ हेंब्रम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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