जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। दोपहर के समय तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण स्थिति ‘हीटवेव’ जैसी हो गई है। तपती सड़कों और गर्म हवाओं के बीच स्कूल से घर लौटते नौनिहालों के लिए यह मौसम किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
दोपहर 12 बजे के बाद धूप इतनी तीखी हो जाती है कि पैदल या साइकिल से घर लौटने वाले बच्चे सीधे लू की चपेट में आ रहे हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बच्चों में थकान, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और सिरदर्द की शिकायतें सामने आ रही हैं। बच्चों की गिरती सेहत को देखते हुए अभिभावकों में भारी चिंता है। कई अभिभावक संघों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव किया जाए या भीषण गर्मी को देखते हुए समय से पूर्व गर्मियों की छुट्टियां घोषित की जाएं।
विशेषज्ञों की सलाह: बचाव ही समाधान
चिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में तापमान परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशील होता है। उन्होंने निम्नलिखित सावधानियों की सलाह दी है जिसमे बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस या नींबू पानी देते रहें।स्कूल से लौटते समय सिर को गीले कपड़े या टोपी से ढंकें और छतरी का प्रयोग करें। बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से बचें और मौसमी फलों का सेवन करें।
प्रशासन से उम्मीद
शहरवासियों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो प्रशासन को ‘मॉर्निंग स्कूल’ (सुबह के समय स्कूल) का आदेश जारी करना चाहिए। फिलहाल, निजी और सरकारी स्कूलों के प्रबंधन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी ठोस आधिकारिक निर्देश का इंतजार है।
वर्तमान स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। लू का असर और तेज हो सकता है, ऐसे में छोटे बच्चों को दोपहर की धूप से बचाना अनिवार्य हो गया है।
