पोटका : पोटका के विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को कोवाली पंचायत सचिवालय का औचक निरीक्षण किया। कार्य दिवस होने के बावजूद सचिवालय बंद मिलने और कर्मियों के नदारद रहने पर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने मौके से ही प्रखंड विकास पदाधिकारी को फोन कर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे थे विधायक
विधायक को लगातार ग्रामीणों से शिकायत मिल रही थी कि कोवाली पंचायत सचिवालय अक्सर बंद रहता है। ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों, जैसे प्रमाण पत्र या सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए कई किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जनहित के इस मुद्दे की सत्यता जांचने जब विधायक स्वयं पहुंचे, तो सचिवालय के गेट पर ताला लटका मिला।
सरकार के नियम की अनदेखी
निरीक्षण के दौरान विधायक ने राज्य सरकार के नियमों का हवाला देते हुए कहा सरकार के निर्देशानुसार सप्ताह में कम से कम दो दिन पंचायत सचिव और अन्य कर्मियों का सचिवालय में बैठना अनिवार्य है। इसके लिए बाकायदा शेड्यूल भी तय किया गया है।कार्य दिवस पर किसी भी कर्मचारी का उपस्थित न होना सरकारी निर्देशों की अवहेलना और ग्रामीणों के अधिकारों का हनन है।
बीडीओ को सख्त निर्देश: मांगें स्पष्टीकरण
विधायक संजीव सरदार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार मुंडा को फोन कर निर्देश दिए कि अनुपस्थित कर्मियों से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्य पंचायतों में भी यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मी तय समय पर बैठें ताकि ग्रामीणों को परेशानी न हो।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”— विधायक की चेतावनी
निरीक्षण के बाद विधायक ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे भविष्य में भी इसी तरह का औचक निरीक्षण जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “पंचायत स्तर पर सेवाओं को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी कर्मचारी की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को भटकना पड़े, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
