हजारीबाग:हजारीबाग में तीन लोगों की संदिग्ध मौत के मामले की जांच के लिए राज्य अल्पसंख्यक आयोग की एक उच्चस्तरीय टीम गुरुवार को जिले में पहुंची। टीम ने न केवल घटनास्थल का मुआयना किया, बल्कि पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें जल्द न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया।
आयोग की टीम में शामिल प्रमुख सदस्य
आयोग की इस टीम में उपाध्यक्ष प्राणेश सालोमन और ज्योति सिंह मथारू के साथ सदस्य सबिता टुडू, इकरारुल हसन और बरकत अली शामिल थे। टीम ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जांच के दौरान आयोग ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने स्पष्ट कहा कि जब इस मामले में शिकायत (आवेदन) दी गई थी, तब पुलिस की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं थी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि घटना के बाद अब जांच वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही है। वर्तमान में हजारीबाग एसपी अमन कुमार स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
आयोग ने मामले के उद्भेदन को लेकर एक बड़ी जानकारी साझा की। इस मामले के मुख्य आरोपी, जो एक यूट्यूबर है, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोहेल से की जा रही पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिससे मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है।
“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
आयोग के सदस्यों ने स्थानीय प्रशासन से वार्ता के बाद मीडिया को बताया कि जांच सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल किसी भी ‘गुनाहगार’ को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
