जमशेदपुर: करीम सिटी कॉलेज के डॉ. अली जान हुसैन को मिला ‘विक्रम साराभाई प्राइज 2026’, यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से हुए सम्मानित

जमशेदपुर: करीम सिटी कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अली जान हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान पुख्ता करते हुए प्रतिष्ठित ‘विक्रम साराभाई प्राइज 2026 – यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ अपने नाम किया है। यह सम्मान उन्हें इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्चर्स, वायनाड (केरल) द्वारा प्रदान किया गया है।

शोध और नवाचार के लिए मिला सम्मान

डॉ. हुसैन को यह विशिष्ट पुरस्कार रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट शोध, नवाचार और शैक्षणिक योगदान के लिए दिया गया है। वे कॉलेज में पठन-पाठन के साथ-साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान के प्रति रुचि जगाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।

उपलब्धियों का लंबा सफर

डॉ. हुसैन के शोध कार्यों की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम अब तक कुल 4 पेटेंट दर्ज हैं। 01 पेटेंट यूनाइटेड किंगडम द्वारा स्वीकृत और 03 पेटेंट भारत सरकार द्वारा स्वीकृत।इससे पूर्व भी उन्हें जूनियर रिसर्च अवॉर्ड, यंग रिसर्च अवॉर्ड, जूनियर साइंटिस्ट अवॉर्ड और पूर्व में भी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

कॉलेज और शहर में हर्ष का माहौल

डॉ. हुसैन की इस उपलब्धि पर करीम सिटी कॉलेज प्रशासन, सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त किया है। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के सम्मान से अन्य शोधकर्ताओं और छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी। जमशेदपुर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह शहर को औद्योगिक राजधानी के साथ-साथ एक ‘रिसर्च हब’ के रूप में भी स्थापित कर रही है।

डॉ. अली जान हुसैन का संदेश

पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डॉ. हुसैन ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने संस्थान और अनुसंधान सहयोगियों को दिया। उनका लक्ष्य भविष्य में रसायन विज्ञान के जटिल रहस्यों को सुलझाने और सामाजिक उपयोग के लिए नए नवाचार करने का है।

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