जमशेदपुर : बिस्टुपुर स्थित एसबीआई के मुख्य कार्यालय के बाहर आज सुबह से ही तनाव का माहौल बना रहा। एसबीआई एटीएम की सुरक्षा में तैनात 140 गार्डों ने अचानक नौकरी से निकाले जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैंक के अंदर और बाहर जाने वाले रास्तों को बाधित कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।
एजेंसी पर गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप
सुरक्षाकर्मियों का नेतृत्व कर रहे कर्मियों ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से एसबीआई द्वारा अधिकृत एजेंसी WWSO के अधीन कार्यरत थे। उन्होंने एजेंसी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मियों का आरोप है कि पिछले 15 महीनों का पीएफ उनके खाते में जमा नहीं किया गया है। उन्हें एक दिन की निर्धारित मजदूरी ₹900 की जगह मात्र ₹500 का भुगतान किया जा रहा था। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उन्हें ग्रेच्युटी फंड का लाभ नहीं दिया गया।
28 अप्रैल को मिला ‘टर्मिनेशन नोटिस’
सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, एजेंसी ने उनकी समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें नौकरी से निकालने का फरमान जारी कर दिया। 28 अप्रैल को एजेंसी ने नोटिस भेजकर कर्मियों को टर्मिनेट कर दिया। 30 अप्रैल से इन सभी 140 गार्डों को काम पर आने से मना कर दिया गया, जिससे उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
सुरक्षाकर्मियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी सुरक्षाकर्मियों ने एसबीआई प्रबंधन और एजेंसी के सामने स्पष्ट शर्तें रखी हैं। 15 महीने का लंबित पीएफ और वेतन के अंतर की राशि का भुगतान तुरंत किया जाए। बैंक द्वारा जिस भी नई एजेंसी को ठेका दिया जाए, उसमें इन्हीं पुराने 140 सुरक्षाकर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पर रखा जाए। सभी पात्र कर्मियों को ग्रेच्युटी की राशि का लाभ मिले।
बैंक प्रबंधन और पुलिस की कार्रवाई
बैंक का मुख्य गेट जाम होने के कारण काफी देर तक ग्राहकों और कर्मचारियों को असुविधा हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। कर्मियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्रबंधन से गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें इस आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
