जमशेदपुर : मानगो क्षेत्र के निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि मानगो को अविलंब पूर्ण अनुमंडल का दर्जा दिया जाए। इस संबंध में जमशेदपुर जन कल्याण समिति की ओर से राज्यपाल, उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी आवाज बुलंद की गई है।
प्रशासनिक कार्यों में हो रही भारी असुविधा
समिति के अध्यक्ष नसीम अंसारी ने बताया कि मानगो अब एक सामान्य रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि एक विशाल प्रशासनिक और भौगोलिक क्षेत्र बन चुका है।वर्तमान में मानगो के निवासियों को भूमि राजस्व, जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र, और अन्य जन शिकायतों के लिए शहर के दूसरे हिस्सों में स्थित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
अनुमंडल बनने से क्या होंगे लाभ?
समिति ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार को कई ठोस कारण गिनाए हैं कि क्यों मानगो को अलग अनुमंडल बनाना जरूरी है। अलग अनुमंडल होने से एसडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी सीधे तौर पर मानगो में बैठेंगे, जिससे जन शिकायतों का निपटारा त्वरित होगा।सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और जलापूर्ति जैसी नागरिक सुविधाओं के लिए अलग बजट और योजनाएं बन सकेंगी।मानगो की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ और बढ़ता अपराध है। अलग अनुमंडल होने से कानून-व्यवस्था की बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी।
जनआंदोलन की चेतावनी
समिति और स्थानीय लोगों ने सरकार को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मांग पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग अनसुनी की, तो मानगो की जनता सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक जनआंदोलन शुरू करेगी।स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
मानगो का बढ़ता विस्तार
पिछले एक दशक में मानगो की जनसंख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कई नई बस्तियां बसने के कारण यह क्षेत्र अब जमशेदपुर शहर के मुख्य हिस्से के बराबर हो गया है। जानकारों का मानना है कि प्रशासनिक विकेंद्रीकरण ही मानगो की समस्याओं का एकमात्र स्थायी समाधान है।
