जमशेदपुर : लौहनगरी में ईंधन को लेकर मची अफरा-तफरी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार सुबह से ही साकची, बिष्टुपुर, मानगो और टेल्को जैसे इलाकों में पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें सड़कों तक पहुंच गईं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
रिकॉर्ड तोड़ बिक्री: एक दिन में 3 लाख लीटर ईंधन साफ
बुधवार को शहर के पेट्रोल पंपों पर बिक्री के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए।जमशेदपुर में बुधवार को लगभग 3 लाख लीटर ईंधन की बिक्री हुई।लोग अपनी तात्कालिक जरूरत के बजाय पूरे महीने का स्टॉक एक साथ भरवाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पंपों का ‘टैंक’ क्षमता से पहले ही खाली हो रहा है।
एसोसिएशन की मांग: “बिना पुलिस सुरक्षा नहीं खुलेंगे पंप”
बढ़ती भीड़ और कतारों में हो रही नोकझोंक को देखते हुए जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कुणाल कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि पंपों पर तत्काल पुलिस बल तैनात किया जाए कुछ संचालकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौजूद नहीं होगी, तब तक वे सुरक्षा कारणों से पंप नहीं खोलेंगे।
संकट नहीं, सिर्फ ‘पैनिक’ का परिणाम
एसोसिएशन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शहर में तेल की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। तेल कंपनियों से आपूर्ति लगातार जारी है। गुरुवार को नई खेप पहुंचने के बाद कई बंद पड़े पंपों को फिर से चालू किया जा रहा है।कुणाल कुमार के अनुसार, यह संकट आपूर्ति में कमी के कारण नहीं, बल्कि मांग में अचानक आए कई गुना उछाल के कारण पैदा हुआ है।
कोल्हान के अन्य जिलों में भी हाहाकार
ईंधन की यह किल्लत केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रही। चाईबासा व सरायकेला जिलों में भी सुबह से ही लोग बोतलों और गैलनों के साथ पंपों पर खड़े नजर आए। कई ग्रामीण इलाकों में पंपों पर स्टॉक खत्म होने की खबरें हैं, जिससे स्थानीय परिवहन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
जिला प्रशासन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि वे पैनिक न करें। तेल की सप्लाई सुचारू है और पैनिक बाइंग बंद होते ही कतारें सामान्य हो जाएंगी। सड़कों पर लग रहे जाम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।
