सरायकेला/चांडिल: कपाली क्षेत्र में हाल ही में एक माइक्रो फाइनेंस कर्मी से डेढ़ लाख रुपये की लूट और गोलीबारी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी तारिक कुरैशी उर्फ अयान कुरैशी को महाराष्ट्र के नागपुर से दबोच लिया है। शनिवार को चांडिल के एसडीपीओ अरविंद सिन्हा ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे अंतरराज्यीय ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी।
नागपुर में छिपा था आरोपी, हथियार भी बरामद
एसडीपीओ ने बताया कि कपाली के अंसारनगर का रहने वाला तारिक कुरैशी अपराध करने के बाद महाराष्ट्र भाग गया था और नागपुर में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कपाली लूटकांड में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली है।गिरफ्तार आरोपी पर हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कपाली थाना के पूर्व सरकारी जीप चालक मो. जब्बार अंसारी की हत्या का भी मुख्य शूटर है।
7 मई को कपाली में हुई थी माइक्रो फाइनेंस कर्मी से लूट
यह हालिया मामला इसी महीने 7 मई 2026 का है, जब कपाली ओपी अंतर्गत डेमडुबी अंसारनगर में खाना खातून के घर के पास हथियार के बल पर बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। अपराधियों ने एक माइक्रो फाइनेंस कर्मी को घेरकर उससे डेढ़ लाख रुपये लूट लिए थे। विरोध करने पर तारिक कुरैशी ने एक राउंड फायरिंग भी की थी।पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसकी मदद से पुलिस ने अपराधियों की पहचान की। इस कांड (संख्या 67/2026) में कुल 5 अपराधी शामिल थे, जिनमें से मुख्य आरोपी तारिक पकड़ा गया है और बाकी 4 की तलाश जारी है।
जमीन विवाद में कपाली थाना के पूर्व चालक की थी हत्या
तारिक कुरैशी का नाम 27 अगस्त 2021 को कपाली में हुए चर्चित मो. जब्बार अंसारी हत्याकांड से भी जुड़ा है।कपाली थाना के पूर्व सरकारी जीप चालक और जमीन कारोबारी जब्बार अंसारी जब सुबह चाय पीकर बाइक से लौट रहे थे, तब घात लगाए अपराधियों ने उनके घर के पास बेहद करीब से उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी थी।जमीन विवाद में हुई इस हत्या के एक आरोपी मो. अशरफ अंसारी उर्फ बाघा को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है, जो घटना के दिन बाइक चला रहा था। गोली मारने वाला मुख्य शूटर तारिक ही था।
‘शूटर’ है तारिक, पुलिस को दी थी खुली चुनौती
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तारिक कुरैशी सटीक निशाना लगाने और गोली चलाने में एक्सपर्ट माना जाता है। पूर्व चालक की हत्या से लेकर फाइनेंस कर्मी से लूट तक—दोनों मामलों में ट्रिगर इसी ने दबाया था। करीब 7 साल से वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को पकड़ने की चुनौती दे रहा था, लेकिन तकनीकी सेल की मदद से आखिरकार उसका खेल खत्म हो गया।इस पूरे बड़े मामले के उद्भेदन में कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक (पुानि) रंजीत कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता समाज कुमार मिश्रा, टाइगर मोबाइल के आरक्षी आलम तथा तकनीकी शाखा के जांबाज कर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।
