जमशेदपुर : शहर के कदमा इलाके में रविवार को झारखंड विद्युत श्रमिक संघ की एक विशाल आमसभा संपन्न हुई। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह ने किया। इस सभा में कोल्हान और जमशेदपुर के विभिन्न बिजली सब-स्टेशनों और विभागों से जुड़े सैकड़ों अस्थायी श्रमिक और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए।
भविष्य की नियुक्तियों में प्राथमिकता की मांग
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह ने विद्युत विभाग की नीतियों पर सवाल उठाए और अस्थायी कर्मचारियों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा विद्युत विभाग में भविष्य में जो भी नई और नियमित नियुक्तियां निकाली जाएं, उनमें उन कर्मियों को अनिवार्य रूप से प्राथमिकता दी जानी चाहिए जो वर्षों से जान जोखिम में डालकर अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं। सालों से विभाग की रीढ़ बने इन अस्थायी कर्मचारियों के लोकतांत्रिक और श्रम अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनदेखी पर बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
विद्युत श्रमिक संघ ने विभाग और सरकार के आला अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है। दिनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि विभाग ने आने वाले समय में अस्थायी कर्मियों के हितों और उनके समायोजन को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो झारखंड विद्युत श्रमिक संघ सड़कों पर उतरकर जोरदार और उग्र आंदोलन करने के लिए पूरी तरह बाध्य होगा।
श्रमिकों की समस्याओं पर हुआ मंथन
आमसभा के दौरान केवल नियुक्तियों पर ही नहीं, बल्कि फील्ड में काम करने वाले लाइनमैन और अन्य तकनीकी श्रमिकों की दैनिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ड्यूटी के दौरान सुरक्षा उपकरणों की कमी और जोखिम भत्ते जैसे गंभीर मुद्दों को भी उठाया गया।समस्याओं का समाधान: संघ के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे स्थानीय और राज्य स्तर पर प्रबंधन के समक्ष इन समस्याओं को मजबूती से रखेंगे ताकि श्रमिकों का शोषण रोका जा सके।
