सरायकेला: जिले की सड़कों को दुर्घटनामुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के सख्त निर्देश पर सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा जांच अभियान चलाया। यह विशेष अभियान मुख्य रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वाले जानलेवा चालकों की धरपकड़ के लिए चलाया गया।
ट्रैफिक थाना प्रभारी राजू के नेतृत्व में हुई कड़ाई
अभियान की कमान खुद सरायकेला के ट्रैफिक थाना प्रभारी राजू ने संभाली। जिला मुख्यालय और इसके आस-पास के प्रमुख व संवेदनशील चौराहों पर बैरिकेडिंग कर दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर सघन जांच की गई। पुलिस कर्मियों ने चालकों की जांच के लिए डिजिटल ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग किया, ताकि शराब के नशे में गाड़ी दौड़ाने वालों को सीधे दबोचा जा सके।
राहत की खबर: कोई भी चालक नहीं मिला नशे में
इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस के लिए एक सुखद और राहत देने वाली बात यह रही कि गहन तकनीकी जांच के बावजूद एक भी वाहन चालक शराब के नशे की हालत में नहीं पाया गया।यातायात पुलिस ने इसे स्थानीय चालकों में बढ़ती जागरूकता और पुलिस की कड़ाई का सकारात्मक असर माना है।
सिर्फ चालान नहीं, सड़क सुरक्षा का दिया गया ‘पाठ’
इस अभियान का मकसद केवल जुर्माना वसूलना या चालान काटना नहीं था, बल्कि लोगों के भीतर सुरक्षा की भावना पैदा करना भी था। जांच के दौरान थाना प्रभारी राजू और उनकी टीम ने चालकों को रोककर यातायात नियमों की महत्ता समझाई। दुपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से मानक गुणवत्ता वाला हेलमेट पहनने और कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने की सख्त हिदायत दी गई।युवाओं से अपील की गई कि वे ‘रैश ड्राइविंग’ और तेज रफ्तार से बचें, क्योंकि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है।
आगे भी जारी रहेगी सख्त चेकिंग
ट्रैफिक पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की जान की रक्षा को लेकर जिला पुलिस बेहद गंभीर है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों, नाबालिग चालकों और बिना हेलमेट-सीट बेल्ट के हाईवे पर फर्राटा भरने वालों के खिलाफ यह विशेष जांच अभियान आने वाले दिनों में भी बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार और अधिक कड़ाई से जारी रहेगा।
