धनबाद/बरवाअड्डा : धनबाद की बरवाअड्डा थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान और गोपी खान गिरोह से जुड़े एक सक्रिय अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सोनू दर्जी उर्फ मंजूर आलम के रूप में की गई है। पुलिस की इस कामयाबी से धनबाद और कोयलांचल के व्यापारियों व आम जनता ने बड़ी राहत की सांस ली है।
पूछताछ में कबूला जुर्म: गैंग को करता था आर्म्स सप्लाई
गिरफ्तारी के बाद जब बरवाअड्डा पुलिस ने सोनू दर्जी उर्फ मंजूर आलम से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने गिरोह के कई चौंकाने वाले राज उगले। आरोपी मंजूर आलम ने स्वीकार किया कि वह वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान और गोपी खान के शूटरों और रंगदारी गिरोह के गुर्गों को हथियार और जिंदा गोला-बारूद सप्लाई करने का मुख्य काम करता था।वह बाहरी राज्यों या अन्य सप्लायरों से हथियार लाकर गैंग के उन लड़कों तक पहुंचाता था, जो शहर के डॉक्टरों, कोयला व्यवसायियों और जमीन कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए हवाई फायरिंग या डराने-धमकाने का काम करते थे।
आरोपी की निशानदेही पर भारी मात्रा में हथियार बरामद
पूछताछ में मिली गुप्त जानकारी के आधार पर बरवाअड्डा थाना पुलिस ने त्वरित छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी सोनू दर्जी की निशानदेही पर छुपा कर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद किया, जिसमें शामिल हैं एक देशी पिस्टल ,एक रिवॉल्वर ,पांच जिंदा कारतूस।प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल धनबाद शहर में किसी बड़ी रंगदारी या फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।
पहले से दर्ज हैं डकैती और रंगदारी के कई संगीन मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार सोनू दर्जी उर्फ मंजूर आलम कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि वह धनबाद पुलिस की वांटेड सूची में शामिल रहा है। आरोपी के खिलाफ धनबाद जिले के विभिन्न थानों में डकैती, आर्म्स एक्ट, चोरी और छोटे-बड़े व्यापारियों से रंगदारी मांगने के कई संगीन मामले पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह प्रिंस खान या उसके गुर्गों के साथ सीधे तौर पर किस माध्यम (जैसे व्हाट्सएप या इंटरनेट कॉलिंग) से जुड़ा हुआ था।
